पालक और याम से बने शिशु आहार को बनाने की विधि (baby food)

पालन और याम से बना ये शिशु आहार बच्चे को पालन और याम दोनों के स्वाद का परिचय देगा। दोनों ही आहार पौष्टिक तत्वों से भरपूर हैं और बढ़ते बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। रागी का खिचड़ी - शिशु आहार - बेबी फ़ूड baby food बनाने की विधि| पढ़िए आसान step-by-step निर्देश पालक और याम से बने शिशु आहार को बनाने की विधि (baby food) - शिशु आहार| For Babies Between 7 to 12 Months

Spinach with White Yams baby food

पालक और याम का गठजोड़ भरपूर मात्रा मैं बच्चे को कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, और फोलेट प्रदान करता है। याम की वजह से इस शिशु आहार में थोड़ी सी मिठास आ जाती है। 

पालक और याम से बने शिशु आहार की विशेषता:

  • बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
  • पौष्टिक तत्त्व:  कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, और फोलेट
  • सावधानी बरतें: कुछ भी नहीं 

बच्चे को जितने प्रकार के आहारों से आप परिचय कराएंगे उतना अच्छा है। बाद में चलकर आप का बच्चा उन फल और सब्जियों में रूचि बनाये रखेगा। पालन और याम से बना ये शिशु आहार बच्चे को पालन और याम दोनों के स्वाद का परिचय देगा। दोनों ही आहार पौष्टिक तत्वों से भरपूर हैं और बढ़ते बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 

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सामग्री (ingredients)

  • 250g पालक 
  • 250g याम 
  • 1 1/2 cup पानी 

पालक और याम से शिशु आहार बनाने की विधि

  1. पालन को अच्छी तरह धो लें और थोड़े पानी में उबाल लें।
  2. याम को छील के छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दें।
  3. एक बड़े डेकची में पानी उबालें तो आंच धीमा कर दें। जब पानी उबलने लगे तब उसमे याम दाल दें। करीब 10 मिनट तक याम को उबलने दें। इतने देर में याम नरम और मुलायम हो जायेगा। 
  4. जब दौड़ने याम और पालन ठंडा हो जाये तब इसे blender या मिक्सी में पीस लें।
  5. पालक और याम की इस प्यूरी को कटोरी में निकल लें और चम्मच की सहायता से बच्चे को खिलाएं। 

इस आहार को 6 से 12 महीने के बच्चों को देने से पहले यह सुनिश्चित कर लें की आप के बच्चे ने दोनों ही आहार अलग अलग खा चूका हो। कृपया शिशु में नया आहार देने सम्बन्धी तीन दिवसीय नियम के बारे में जान लें। पहली बार बच्चे को कोई भी नया फल या सब्जी देने से पहले उसे केवल एक ही फल या सब्जी या अनाज से बना आहार खिलाएं। इससे किसी भी संभावित food allergy के बारे में पता चल जायेगा। 

ताज़े पलकों के मौसम में शिशु को यह आहार जरूर खिलाएं। बच्चों को जितना हो सके मौसमी फल और सब्जियां खिलने चाहिए। मौसमीं फल और सब्जियां बच्चों को मौसमी बिमारियों से बचाते हैं। हर मौसम मैं शरीर की पौषक तत्वों की आवश्यकता भिन-भिन होती है। मौसमी फल और सब्जियां मौसम के अनुसार बच्चों को पोषक तत्त्व प्रदान करते हैं। ये उनके विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 

याम और पालन से बना आहार शिशु को बहुत पसंद आएगा। इसका स्वाद बच्चे को थोड़ा जाना पहचाना लगेगा और थोड़ा मीठा भी लगेगा। 

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