
रागी कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, थायमीन और आयरन का अच्छा स्त्रोत है। बढ़ते बच्चों को इन सभी पोषक तत्वों की अच्छे विकास के लिए अवश्यकता होती है।
रागी एक बेहद पौष्टिक आहार है इसमें एक अलग ही तरह का स्वाद होता है। दिखने मे ये सरसों के दाने की तरह दीखता है रागी में अमिनो एसिड मिथियोनाईन पाया जाता है जो अन्य आहारों मे कम होता है।
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रागी का हलुवा, 6 से 12 महीने के बच्चों के लिए बहुत ही पौष्टिक baby food है। 6 से 12 महीने के दौरान बच्चों मे बहुत तीव्र गति से हाड़ियाँ और मासपेशियां विकसित होती हैं और इसलिए शरीर को इस अवस्था मे calcium और protein की अवश्यकता पड़ती है। रागी मे कैल्शियम और प्रोटीन दोनों ही बहुत प्रचुर मात्रा मैं पाया जाता है।
रागी का इस्तेमाल पूरी दुनिया मे विभिन प्रकार के खाद्य पदार्थ मे किसी न किसी रूप मे होता है। रागी को अन्य अनाजों के साथ मिला कर पारम्परिक व्यंजन भी बनाये जाते हैं जैसे की इडली, डोसा, लड्डू, खीर, slice bread, रोटी और उपमा।
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चूँकि रागी को पचाया नहीं जा सकता इसीलिए इसे अंकुरित कर इसका आटा बना लिया जाता है। अंकुरित निकलने पर यह ख़राब नहीं होता और इसकी पौष्टिकता बरक़रार रहती है।
सामग्री - Ingredients
- 1/2 cup रागी
- 3 से 4 tablespoon शुद्ध देशी घी
- 1 cup दूध
- 4 teaspoon चीनी
- जरा सा इलाइची पाउडर
6 से 12 महीने के बच्चों के लिए रागी का हलुवा बनाने की विधि
- एक छोटा कड़ाई लें और उसको धीमी आंच पे गैस पे चढ़ा लें।
- 3 से 4 tablespoon शुद्ध देशी घी को कड़ाई में डालें।
- एक कटोरे मे 1/2 cup रागी को थोड़े पानी मे मिलाये ताकि कोई गांठ न पड़ जाये।
- कड़ाई मे घी पिघलने पर उसमें रागी उंढेल लें।
- लकड़ी के चम्मच से रागी को चलाते रहें और 3 से 4 मिनट तक धीमी आंच पे पकने दें।
- जब इसमें बबल बनना शुरू हो तो चीनी मिला दें।
- एक अलग भगौने में दूध गरम करें।
- दूध गरम हो जाने पर इसे कड़ाई में उंढेल लें।
- लकड़ी के चम्मच से रागी को लगातार चलाते रहें ताकि कोई गांठ न पड़े।
- थोड़ी ही देर मे रागी का हलुवा कड़ाई की सतह को छोड़ने लगेगा। जब ऐसा हो तो उस पर ऊपर से इलाइची पाउडर छिड़क दें।
- गैस बंद कर दें और रागी का हलुवा एक कटोरी मे निकल लें। इसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। कमरे के तापमान का होने पे रागी को चम्मच की मदद से बच्चे को खिलाएं।
रागी के स्वास्थ्य गुण - Health Benefits of Ragi
- रागी मे लगभग 7 प्रतिशत प्रोटीन होता है जो 6 से 12 महीने के बच्चों के मांसपेशियोँ के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- रागी में अमिनो एसिड मिथियोनाईन पाया जाता है जो दूसरे अनाज मे आपको नहीं मिलेगा।
- रागी मे प्रचुर मात्रा मैं कैल्शियम होता है जो 6 से 12 महीने के बच्चों के हड्डियों के विकास के लिए जरुरी है।
- रागी मे ग्लूटेन (gluten) नहीं होता इसीलिए जिन बच्चों मे ग्लूटेन के प्रति संवेदशीलता होती है उनके लिए ये एक अच्छा विकल्प है। यही वजह है की रागी नन्हें शिशू और छोटे बच्चों के खाने के लिए मशहुर है।