
छह माह के बच्चे के लिए लौकी की प्यूरी सबसे उपयुक्त शिशु आहार है। इसमें ढेरों विटामिन, minerals और nutrients है जो बच्चे के पोषण के लिए अच्छा है। इसे 6 महीने का बच्चा आसानी से पचा सकता है और ये बच्चे में कब्ज होने से बचता है।
लौकी पुरे भारत में लोकप्रिय है और लगभग सभी घरों में इसे पकाया जाता है। इसमें पोषक तत्वों का अम्बर है। सबसे अच्छी बात यह है की आप इसे अपने नन्हे बच्चे को भी खिला सकती हैं। बच्चे इसे आसानी से खा लेते हैं क्योँकि इसमें कोई तीक्षण महक या स्वाद नहीं होता है।
लौकी खरीदते वक्त इन बातों का ख्याल रखें
- बड़ी लौकी की उपेछा, छोटी लौकी खरीदें (prefer buying small bottle gourd).
- लौकी की त्वचा पे कोई दाग या धब्बा नहीं होना चाहिए।
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शिशु आहार के लिए लौकी की विशेषता
- बच्चों को लौकी से कोई एलेर्जी नहीं होती है।
- लौकी में 90 प्रतिशत पानी होता है।
- जिन बच्चों को कब्ज की समस्या रहती है, लौकी से बना आहार राहत पहुंचता है।
- इसमें प्रचुर मात्रा में मिनरल्स पाए जाते हैं जैसे की कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन A, C.
लौकी की प्यूरी से सम्बंधित जरुरी बातें:
- बच्चे का उम्र: 6 माह से ऊपर के बच्चों के लिए लौकी उपयुक्त है।
- पौष्टिक तत्त्व: आयरन, फोलेट, antioxidant, विटामिन B और C, सोडियम, कैल्शियम, जिंक और पोटैशियम
- सावधानी बरतें (food allergy): कुछ भी नहीं
चलिए आब देखते हैं की how to make bottlegourd puree for babies
सामग्री (Ingredients)
- 1 कटोरा कटा हुआ लौकी'
- 1 चुटकी कला मिर्च (छे माह के बच्चे के लिए कला मिर्च इस्तेमाल न करें)
- 1 चुटकी जीरा पाउडर
लौकी की प्यूरी बनाने की विधि - शिशु आहार
- लौकी को अच्छी तरह धो के छोटा-छोटा काट लें।
- एक कुकर में एक कटोरा पानी ले लें।
- उसमे लौकी दाल दें।
- लौकी को कुकर में माध्यम आंच पे दो सिटी तक पकने दें।
- एक बार जब लौकी पक जाये तब उसे blender डाल के पीस लें। पीसते वक्त उसमे जीरा पाउडर भी डाल दें।
बड़े बच्चों के लिए लौकी की प्यूरी बनाते वक्त ऐसा करें
- लौकी की प्यूरी को खड़ा जीरा में देशी गहि के साथ तड़का दें। इससे जायका बाद जायेगा और बच्चों को खूब पसंद आएगा।
- इसमें आप स्वाद अनुसार नमक भी मिला सकते हैं।
- लौकी के प्यूरी में आप चाहें तो थोड़ा टमाटर का सॉस भी मिला सकते हैं।
शिशु आहार में लौकी देने के फायदे
- बच्चों के नाजुक पाचन तंत्र में लौकी का प्यूरी आसानी से पच जाता है। ध्यान रहे की बच्चों का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता है इसीलिए बच्चों को वही आहार दें जो बच्चे आसानी से पचा सकें नहीं तो बच्चों में उस आहार के प्रति एलेर्जी या अन्य दिक्ततें पैदा हो सकती है।
- लौकी का स्वाद बहुत हल्का होता है इसीलिए छोटे बच्चों को विशेष कर पसंद आता है।
- लौकी को अन्य सब्जियों या फलों के साथ भी मिला के पकाया जा सकता है।
- लौकी बहुत ही versatile सब्जी है जिसे बहुत तरह से पकाया जा सकता है।