Category: टीकाकरण (vaccination)

शिशु को 2 वर्ष की उम्र में लगाये जाने वाले टीके

By: Salan Khalkho | 1 min read

शिशु को 2 वर्ष की उम्र में कौन कौन से टिके लगाए जाने चाहिए - इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी यहां प्राप्त करें। ये टिके आप के शिशु को मेनिंगोकोकल के खतरनाक बीमारी से बचाएंगे। सरकारी स्वस्थ शिशु केंद्रों पे ये टिके सरकार दुवारा मुफ्त में लगाये जाते हैं - ताकि हर नागरिक का बच्चा स्वस्थ रह सके।

शिशु को 2 वर्ष की उम्र में लगाये जाने वाले टीके मेनिंगोकोकल का टिका (Meningococcal vaccination)

2 वर्ष की उम्र में शिशु को मेनिंगोकोकल का टिका (Meningococcal vaccination) लगाया जाता है। 

क्या है ये मेनिंगोकोकल (Meningococcal)?

मेनिंगोकोकल (Meningococcal) एक ऐसी बीमारी है जिसका संक्रमण फैलता है Neisseria meningitidis नामक जीवाणु (bacteria) के दुवारा।  

इसका संक्रमण बहुत तेज़ी से बढ़ता है और बहुत अच्छी चिकित्सीय सुविधा मिलने के बावजूद भी इससे संक्रमित दस प्रतिशत व्यक्तियोँ की मृत्यु हो जाती है। 

मेनिंगोकोकल का टिका सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका है शिशु को मेनिंगोकोकल के संक्रमण से बचाने का।  आप अपने शिशु को सभी टीके समय पे अवश्य लगवाएं। शिशु के टीके की सम्पूर्ण जानकारी के लिए येहाँ देखें। 

हालाँकि यह बीमारी बहुत ही दुर्लभ है, मगर है बहुत ही खतरनाक। 

यूँ देखा जाये तो आधे से अधिक जनसंख्या में यह बीमारी है। इस बीमारी के जीवाणु (bacteria) व्यक्ति के गले में होते हैं। इससे कोई गंभीर बात नहीं होती है। अधिकांश लोगों को तो पता भी नहीं है की उनके गले में मेनिंगोकोकल (Meningococcal) के जीवाणु हैं। 

मगर जब मेनिंगोकोकल (Meningococcal) के जीवाणु (bacteria) जब व्यक्ति के रक्त में पहुँचते है तो यह गंभीर रूप ले लेता है। इस स्थिति को रक्त का संक्रमण (bacteremia) कहा जाता है। या इसे meningitis के नाम से भी जाना जाता है। 

मेनिंगोकोकल (Meningococcal) का संक्रमण होने पे व्यक्ति बुखार, सिरदर्द, व्याकुलता वाले लक्षण दीखते हैं। मरीज की गर्दन भी अकड़ जाती है। 

उसे मिचली या उल्टी दोनों की समस्या भी हो सकती है। मेनिंगोकोकल (Meningococcal) से संक्रमित व्यक्ति रोशनी के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं। 

मेनिंगोकोक्सेमिया - रक्तप्रवाह संक्रमण (bacteremia) में व्यक्ति को बहुत तेज़ बुखार चढ़ता है शरीर पे चकते निकल आते हैं।  

मेनिंगोकोकल (Meningococcal) के जीवाणु बहुत प्रकार के होते हैं। इन्हे अंग्रेज़ी भाषा के अक्षर A, B, C, W और Y में बांटा गया है। ये सभी खतरनाक हैं और समय समय पे अपना संक्रमण फैलाते हैं। 

मेनिंगोकोकल (Meningococcal) के जीवाणु का संक्रमण एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति को फैलता है। यह फैलता है संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने से और दैनिक इस्तेमाल की वस्तुओं को साझा करने से। 

लेकिन कुछ ही लोगों में इसका संक्रमण बीमारी का रूप लेता है - जब इस जीवाणु का संक्रमण व्यक्ति के रक्त को संक्रमित करता है। 

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