
मां बनना हर स्त्री के लिए एक बेहद ही सुखद अनुभव है। शिशु के जन्म के बाद वह अपनी जिंदगी के दूसरे पड़ाव में कदम रखती है। लेकिन इस पूरी परिस्थिति से गुजर ना आसान काम नहीं होता है। शिशु को जन्म देने के दौरान मां को अनेक प्रकार की तकलीफों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह है शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव जो स्त्री के शरीर को गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए अनुकूल बनाते हैं। स्त्री का शरीर इस दौरान अलग ही तरह से काम करना क्यों करता है जिनसे स्त्री को दैनिक जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं प्रकार की परेशानियों में एक समस्या है - बालों का झड़ना।
बालों को झड़ने से रोकने के लिए तमाम तरह की दवाइयां बाजार में मौजूद है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान तथा जब तक महिला स्तनपान कराती है तब तक इन दवाइयों से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ सावधानियां बरतकर तथा कुछ घरेलू नुस्खों की सहायता से आप सफलतापूर्वक बालों को गिरने से रोक सकती है।

अगर आप गर्भवती हैं या फिर अभी हाल ही में अपने को जन्म दिया है तो आप अगर कुछ बातों का ख्याल रखें, तो आप अपने बालों को टूटने से बचा सकती हैं। बालों की मजबूती को बरकरार रखने के लिए और उन्हें टूटने से बचाने के लिए आपको निम्नलिखित सावधानियां बरतने की आवश्यकता पड़ेगी।
- नहाने के बाद बालों को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का इस्तेमाल ना करें। हेयर ड्रायर की वजह से ठंडे बाल बेहद कम समय में गरम हो जाते हैं जिस वजह से उनकी जड़ कमजोर हो जाती है और बाल आसानी से उखड़ जाते हैं। अपने बालों में हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करने की बजाएं उन्हें तौलिए की सहायता से धीरे-धीरे सुखाएं। इससे बाल टूटेंगे नहीं।
- बालों में किसी भी प्रकार की हेयर स्टाइल से बचें। उदाहरण के लिए हेयर-पिन, फंसने वाले रबर-बैंड, जूड़ा-पिन, क्लचर के इस्तेमाल से बालों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। हमारी माने तो जितना हो सके इनके इस्तेमाल का परहेज करें।
- बालों की कंघी का सही चुनाव भी आपके बालों को टूटने से बचा सकता है। जब तक आप गर्भवती हैं या अपने बच्चे को स्तनपान करा रही हैं तब तक मोटे दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें और बालों को सुलझाने के लिए बल का प्रयोग ना करें। बालों को हल्के हाथों से सुलझाने की कोशिश करें और यदि बाल जिले हैं उन्हें बिल्कुल भी सुलझाने की कोशिश ना करें जब तक कि बाल पूरी तरह सूख ना जाए।
- अगर आप अपने बालों को कलर करते हैं तो भी आपको विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बालों को रंगने के लिए कॉस्मेटिक कलर का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इन में हानिकारक केमिकल होते हैं। इसकी बजाए अपने बालों को कलर करने के लिए आप हर्बल मेहंदी का इस्तेमाल कर सकती है।
- प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव की वजह से बाल सिर्फ जड़ से कमजोर ही नहीं होते हैं बल्कि बालों की गुणवत्ता तथा उनकी मोटाई भी कम होती है। इसका मतलब की सिर्फ बालों के जड़ ही नहीं बल्कि खुद बाल भी कमजोर हो जाते और अपने भार को ना उठा पाने की वजह से बीच से टूट जाते हैं। इसीलिए अपने बाल को नियमित रूप से ट्रिम कराते रहें ताकि उन पर अनावश्यक रूप से भार ना पड़े।
- बालों की मजबूती और उनके स्वास्थ्य पे आपके खान-पान का भी असर पड़ता है। अपने बालों की मजबूती के लिए सेहतमंद आहार ग्रहण करें, फल और सब्जियों को अपने आहार में सम्मिलित करें तथा फास्ट फूड और अत्यधिक तेल में पकाए हुए आहार से दूर रहें।
- पौष्टिक आहार से आपके शरीर को वह सभी पोषक तत्व जैसे कि विटामिन और मिनरल आपके शरीर को मिलेंगे जो बालों की तंदुरुस्ती और उनके स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
- बालों का झड़ना रोकने के लिए जो दवाइयां बाजार में उपलब्ध है उनका इस्तेमाल ना करें। इसका आपके शरीर पर तथा आपके गर्भ में पल रहे बच्चे पर या आपका स्तनपान कर रहे बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में यह खतरनाक ही हो सकता है।
- अपने बालों को साफ रखें तथा सप्ताह में कम से कम 2 बार इन्हें अवश्य दें। बालों को हर दिन धोने की आवश्यकता नहीं है। बालों को धोते समय बालों में शैंपू तथा कंडीशनर का इस्तेमाल करें। अगर संभव हो तो हर्बल शैंपू तथा कंडीशनर का इस्तेमाल करें। गर्भावस्था के दौरान जितना ज्यादा हो सके केमिकल से दूरी बनाकर रखें।
- बालों को और मजबूती देने और उनके निखार के लिए आप एक अंडे की सफेदी में तीन चम्मच जैतून (olive) के तेल को मिलाकर अपने बालों में लगाकर 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे बालों को पोषण मिलेगा, उनकी चमक और रौनक बढ़ेगी तथा स्कैल्प भी मजबूत और तंदुरुस्त बनेंगे।
- मेथी भी बालों को टूटने से, और उनके जड़ों को मजबूत बनाने में बहुत ही कारगर घरेलू नुस्खा माना जाता है। इसके लिए थोड़ी सी मेथी रात भर पानी में भिगोकर रख दें। दूसरे दिन मेथी को छानकर उसके पानी से बालों को धोएं तथा 2 घंटे तक बालों को इसी तरह रहने दे। इससे बाल मजबूत बनते हैं और बालों से डैंड्रफ की समस्या भी समाप्त होती है।
गर्भावस्था में क्यों टूटते हैं बाल
गर्भावस्था में बालों के टूटने के कई कारण हैं जिनमें से हार्मोनल बदलाव एक प्रमुख कारण है। यहां हम आपको उन सभी कारणों के बारे में बताएंगे जिनकी वजह से गर्भवती महिलाओं के बाल टूटते हैं:

असंतुलित आहार की कमी - गर्भावस्था के दौरान एक गर्भवती महिला को पोषक तत्वों की ज्यादा जरूरत होती है। इसीलिए यह आवश्यक है की गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान इस तरह का पोषक आहार ग्रहण करें कि उसके शरीर की पोषण की आवश्यकता पूरी हो सके। अगर गर्भवती महिला को उसके आहार से उचित मात्रा में पोषण नहीं मिल रहा है तो उसके बाल कमजोर हो जाएंगे और टूटने लगेंगे।
बीमारियों की वजह से - गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं को किन्ही प्रकार की बीमारियों से गुजरना पड़ता है उदाहरण के लिए शुगर (gestational diabetes in hindi) जैसी बीमारियां। यह कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिनकी वजह से बालों के झड़ने की संभावना बढ़ जाती है।
चिंता और तनाव - गर्भावस्था के दौरान यह भी देखा गया है कि गर्भवती महिला में अनावश्यक रूप से तनाव होता है और वे हर बात को लेकर चिंतित भी रहने लगती है। चिंता भी एक महत्वपूर्ण वजह है बालों की झड़ने की। आप बेवजह चिंता करना छोड़ दें और जितना ज्यादा हो सके तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें।
थायराइड हार्मोन में कमी - हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) की वजह से शरीर में थायराइड का स्तर घट जाता है। यह ऐसी परिस्थिति है जो गर्भवती महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। थायराइड हार्मोनका स्तर शरीर में घटने की वजह भी बालें कमजोर पड़ जाती है और गिरने लगती है।
आनुवांशिक - कई बार गर्भवती महिलाओं में बालों का गिरना आनुवांशिक कारणों से भी होता है। देखा गया है की गर्भवती महिला की मां के बाल अगर उनके गर्भावस्था के दौरान जुड़े थे तो इन महिला के बाल गर्भावस्था के दौरान झड़ने की संभावना ज्यादा रहती है।
गर्भनिरोधक गोलियां ना लेना - अगर गर्भावस्था से पहले गर्भवती महिला गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती थी, तो उन्हें भी गर्भधारण के दौरान बालों के झड़ने की समस्या देखी जा सकती है।