विटामिन डी है सर्दी जुकाम की दवा - sardi ki dawa

शिशु के शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र विटामिन डी का इस्तेमाल सूक्ष्मजीवीरोधी शक्ति (antibody) बनाने के लिए करता है। ये एंटीबाडी शिशु को संक्रमण से बचते हैं। जब शिशु के शरीर पे विषाणु और जीवाणु का आक्रमण होता है तो शिशु के शरीर में मौजूद एंटीबाडी विषाणु और जीवाणु से लड़ते हैं और उनके संक्रमण को रोकते हैं।

विटामिन डी बचाए बच्चों को सर्दी और जुकाम से vitamin D protects children from cold and cough

ठण्ड के दिनों में डॉक्टर अक्सर माँ - बाप को ये सलाह देते हैं की वे अपने नवजात बच्चे को कुछ देर के लिए धुप दिखाएँ। विशेषकर अगर बच्चे में पीलिया (jaundice) रोग के लक्षण दिख रहे हैं तो। 

डॉक्टर बच्चों को धुप दिखने की सलाह इस लिए देते हैं क्योँकि धुप की किरणों से शिशु का शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी का निर्माण करता है। 

सूर्य से मिलने वाले विटामिन डी शिशु के हड्डियों के स्वस्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। साथ ही यह शिशु के रोग प्रतिरोधी तंत्र को भी मजबूत बनता है। 

विटामिन डी शिशु के शरीर के लिए आवश्यक है -  यह तो सबको पता है।

मगर यह बात कुछ ही लोगों को पता है की विटामिन डी शिशु को सर्दी और जुकाम से भी बचाता है। 

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं के अनुसार ब्रिटेन में हर साल  विटामिन डी करीब तीस लाख लोगों को सर्दी-जुकाम से बचाता है। 

इस लेख में आप पढ़ेंगी - you will read in this article

  1. ~~~#1^^^छह माह से बड़े बच्चों के लिए विटामिन डी का स्रोत @@@
  2. ~~~#2^^^नवजात शिशु के लिए विटामिन डी का स्रोत @@@
  3. ~~~#3^^^विटामिन डी की कमी@@@
  4. ~~~#4^^^शिशु के लिए विटामिन डी बहुत जरुरी है@@@
  5. ~~~#5^^^शिशु को ठण्ड के दिनों (सर्दियों) में विटामिन डी की आवश्यकता पड़ती है@@@
  6. ~~~#6^^^ठण्ड के दिनों में दिखाएँ शिशु को सूरज की रोशनी @@@

anchorlink[1]anchorcloseछह माह से बड़े बच्चों के लिए विटामिन डी का स्रोत 

छह माह से बड़े बच्चों और व्यस्क लोगों के लिए शरीर में विटामिन डी कमी को पूरा करने के लिए बहुत तरीके हैं। शरीर तो सूर्य से मिलने किरणों से ही विटामिन डी का निर्माण कर लेता है। 

इसके साथ ही शरीर को विटामिन डी आहार से भी मिल जाता है जैसे की दूध, दही, मशरूम, मटर, अंडा, मक्खन, चीज़, पनीर, मछली, मीट आदि। 

good source of vitamin D for children विटामिन डी का स्रोत

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anchorlink[2]anchorcloseनवजात शिशु के लिए विटामिन डी का स्रोत 

मगर नवजात शिशु के लिए आहार के रूप में केवल माँ का दूध ही एक विकल्प है। शिशु को माँ के दूध से भी विटामिन डी मिलता है। इसके साथ ही अगर आप अपने शिशु को कुछ देर के लिए धुप में खलेने के लिए छोड़ते हैं तो उसका शरीर स्वतः ही सूर्य के किरणों से विटामिन डी का निर्माण कर लेते है। 

नवजात शिशु के लिए विटामिन डी का स्रोत स्तनपान breastfeeding is the source of vitamin d for children

anchorlink[3]anchorcloseविटामिन डी की कमी

शरीर में विटामिन डी की कमी अच्छा संकेत नहीं है। अगर आप का शिशु आहार ग्रहण करने योग्य हो गया है तो उसके खाने में ऐसे आहार शामिल करें जिसमे प्रचुर मात्रा में विटामिन डी उपलब्ध हो। 

  1. शरीर में विटामिन डी की कमी से शिशु को अनेक प्रकार के रोगों का सामना करना पड़ सकता है
  2. ठण्ड के दिनों में शिशु बार बार सर्दी और जुखाम का शिकार हो सकता है
  3. शिशु में पीलिया रोग (jaundice) का खतरा बढ़ सकता है
  4. शिशु के रोग प्रतिरोधी तंत्र पे बुरा असर पड़ सकता है
  5. शिशु की हड्डियां दुसरे बच्चों की तुलना मैं कमजोर हो सकती है। जिसकी वजह से बच्चे को "हसली उखाड़ना / शिशु का हाथ खिंच जाना" की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 
  6. विटामिन डी की कमी से श्वसन प्रणाली में संक्रमण और निमोनिया जैसे बीमारियोँ का खतरा बढ़ जाता है

lack of vitamin d in children विटामिन डी की कमी

anchorlink[4]anchorcloseशिशु के लिए विटामिन डी बहुत जरुरी है

शिशु के शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र विटामिन डी का इस्तेमाल सूक्ष्मजीवीरोधी शक्ति (antibody) बनाने के लिए करता है। ये एंटीबाडी शिशु को संक्रमण से बचते हैं। जब शिशु के शरीर पे विषाणु और जीवाणु का आक्रमण होता है तो शिशु के शरीर में मौजूद एंटीबाडी विषाणु और जीवाणु से लड़ते हैं और उनके संक्रमण को रोकते हैं। 

शिशु के लिए विटामिन डी बहुत जरुरी है vitamin D is very important for children

anchorlink[5]anchorcloseशिशु को ठण्ड के दिनों (सर्दियों) में विटामिन डी की आवश्यकता पड़ती है

पुरे साल भर शिशु को विटामिन डी की उतनी आवश्यकता नहीं पड़ती है जितनी की सर्दी के दिनों में। ऐसा इसलिए क्योँकि सर्दी और जुकाम से बच्चों को बचाने के लिए उन्हें अधिकांश समय घर के अंदर ही रखा जाता है ताकि बहार की सर्द हवाएं उन्हें बीमार न कर दें। मगर इससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में सूर्य की किरणे नहीं मिल पाती है जितना की शरीर में विटामिन डी बनाने की आवशकता है। 

शिशु को ठण्ड के दिनों (सर्दियों) में विटामिन डी children need more vitamin D in winter

anchorlink[6]anchorcloseठण्ड के दिनों में दिखाएँ शिशु को सूरज की रोशनी 

ठण्ड के दिनों में बच्चों को सूर्य की रोशनी की उतनी ही आवश्यकता पड़ती है जितनी की गर्मी के दिनों में। 

शिशु को सर्दी के दिनों में सूरज की रोशनी दिखाने के लिए उन्हें ऐसे कमरे में रखें जहाँ खिड़कियों से सूर्य की रोशनी छन के कमरे में प्रवेश कर सके। खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखें ताकि बहार की सर्द हवा अंदर प्रवेश न कर सके - मगर - साथ ही बच्चों को भरपूर मात्रा मैं सूरज की रोशनी मिल सके। 

ठण्ड के दिनों में दिखाएँ शिशु को सूरज की रोशनी expose children to sunlight in winter

स्वस्थ रहने के लिए विटामिन डी की पर्याप्त आवश्यकता केवल बच्चों को ही नहीं वरन बड़ों को भी पड़ती है। ठण्ड के दिनों में विटामिन डी की कमी के कारण बड़े - बूढ़ों को हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द का सामना करना पड़ता है।