
आज कल की बदली हुई जीवन शैली और व्यस्तता के कारण आप अपने बच्चे का पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाती हैं और बच्चा किसी न किसी संक्रमण का शिकार हो जाता है। इसमें सबसे अधिक मूत्राशय के संक्रमण (frequent urination in children) की समस्या होती है। बच्चों में बार-बार पेशाब होने से परेशान हो जाते हैं और इस वजह से उन्हें जल्दी जल्दी प्यास भी लगने लगता है। Frequent urination in children causes them dehydration because of which they also frequently feel thirsty. इसी वजह से बार-बार पेशाब होने से बार बार प्यास भी लगता है। That's the reason frequent urination and thirst in children is interrelated.
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इस लेख में आप सीखेंगे - You will read in this article
- ~~~#1^^^शिशुओं में बार-बार पेशाब होने की समस्या@@@
- ~~~#2^^^लक्षण - बच्चों में यूरिन कम या बार-बार होना@@@
- ~~~#3^^^कारण - यूरिन न होना@@@
- ~~~#4^^^प्लाज्मा स्तर (घनत्व) घट जाने के कारण @@@
- ~~~#5^^^कारण - यूरिन अधिक होना@@@
- ~~~#6^^^मूत्र रोग का घरेलू उपचार @@@
- ~~~#7^^^खीरे का रस@@@
- ~~~#8^^^मूली के पत्तो का रस@@@
- ~~~#9^^^अनार पेस्टक @@@
- ~~~#10^^^कुलथी का प्रयोग@@@
- ~~~#11^^^तिल के बीज@@@
- ~~~#12^^^शहद और तुलसी@@@
- ~~~#13^^^दही@@@
- ~~~#14^^^मेथी@@@
- ~~~#15^^^बेकिंग सोडा@@@
- ~~~#16^^^उबली पालक@@@
- ~~~#17^^^खूब पानी पियें@@@
- ~~~#18^^^Video - बच्चों में यूरिन कम या बार-बार होना@@@
anchorlink[1]anchorclose शिशुओं में बार-बार पेशाब होने की समस्या - causes of frequent urination in children
अगर आपका बच्चा बार-बार पेशाब होने की समस्यास से परेशान हैं तो कुछ किसम के घरेलू उचार (home remedies for frequent urination in children) आपकी सहायता कर सकते हैं। बार-बार यूरिन करने जाना किसी को भी पसंद नहीं है। अगर बच्चे दिन में 4-5 बार यूरिन जाते हैं तो यह एक नार्मल सी बात है लेकिन जब यह बढ़ कर 8 बार हो जाए तो इस पर विचार कर देना आवश्य क बन जाता है। आखिर यह समस्याा कैसे पैदा हुई?, इस बारे में आपको जरुर सोंचना चाहिये। What causes frequent urination in children? अक्सर देखने को मिलता है की बच्चे दिन के समय ज्यादा बार-बार पेशाब होने की समस्यास से परेशान होते हैं। मगर बहुत से बच्चों में बार-बार पेशाब होने की समस्यास रात में भी होती है। In many cases frequent daytime urination in children is observed but there are also cases of frequent urination in children at night time too.
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मूत्र विकार का सबसे बड़ा कारण बैक्टीरिया कवक है, (bacteria is the main reasons for frequent urination in children) इसके कारण मूत्र पथ के अन्य अंगो जैसे किडनी, यूरेटर, प्रोस्टेट ग्रंथि और योनि में भी इसके संक्रमण का असर देखने को मिलता (these are possible causes of frequent urination in children) है।
anchorlink[2]anchorclose लक्षण - symptoms of frequent urination in children
If you are looking for a tool such as frequent urination in children symptom checker, here are ways that will help you check for symptoms at home.
पेशाब का बार-बार आना प्रारंभिक लक्षण है। शुरू में यह लक्षण रात में ही होता है। धीरे-धीरे यह मरीज को रोजमर्रा में भी परेशान करने लगता है। कुछ समय बाद रोगी इस पर नियंत्रण नहीं कर पाता और मरीज को मूत्र त्याग करने में भी परेशानी होती है व अंत में बूंद-बूंद कर यूरिन आता रहता है। कई बार मरीज शिकायत करते हैं कि उन्हें पेशाब नहीं आ रहा, यह मरीज के लिए प्रोस्टेट का प्रथम लक्षण भी हो सकता है। कई बार यूरिन होने में दर्द होना और कई बार यूरिन पास होने में बहुत समय लगना इस रोग का लक्षण हो सकता है।
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anchorlink[3]anchorclose कारण - यूरिन न होना
- शरीर में पानी की कमी के कारण।
- बुखार एवं पसीना आने से।
- डायरिया होने के कारण।
- कुछ नुकसानदेह दवाओं के प्रयोग से भी यह समस्या आती है, जिससे बार बार यूरिन करने जाना पड़ता है।

anchorlink[4]anchorclose प्लाज्मा स्तर (घनत्व) घट जाने के कारण
- हृदय का काम करना बंद होने की स्थिति में (संकुचन के कारण)।
- मूत्र-मार्ग में रुकावट जैसे पथरी इत्यादि के कारण
anchorlink[5]anchorclose यूरिन अधिक होना - cause of frequent urination in children
- मधुमेह (डायबिटीज मेलीटस)।
- डायबिटीज इन्सीपिंडस।
- पोटैशियम की कमी।
- कैल्शियम की अधिकता।
- सिर में चोट लगने के कारण।
- गुर्दे की पुरानी खराबी के कारण।
- मैनीटॉल चिकित्सा के कारण।
- पेशाब नलियों के क्षरण के ठीक होने की स्थिति में।
- अत्यधिक पानी पीने के कारण।
anchorlink[6]anchorclose मूत्र रोग का घरेलू उपचार - frequent urination in children home remedy
anchorlink[7]anchorclose खीरे का रस
खीरे के रस में एक बड़ा चम्मच नीबू का रस और शहद मिलाकर बच्चे को दें।

anchorlink[8]anchorclose मूली के पत्तो का रस
मूली के पत्तो का रस दिन में तीन बार सेवन करायें।
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anchorlink[9]anchorclose अनार पेस्टक
यह मूत्राशय की गर्मी को कम करता है। अनार के छिलके का पेस्टम बनाइये और उसका छोटा भाग पानी के साथ दिन में दो बार खिलाएं। ऐसा 5 दिनों के लिये करें।

anchorlink[10]anchorclose कुलथी का प्रयोग
कुलथी में कैल्शिययम, आयरन और पॉलीफिनॉल होता है, जो कि एंटीऑक्सीयडेंट से भरा होता है। थोड़ी सी कुलथी को गुड के साथ रोज सुबह लेने से मूत्राशय की खराबी दूर हो जाएगी।
anchorlink[11]anchorclose तिल के बीज
तिल के दानों में एंटी ऑक्सीुडेंट्स, मिनरल्स और विटामिन्सए होते हैं। आप इसे गुड या फिर अजवाइन के साथ सेवन करवा सकते हैं।

anchorlink[12]anchorclose शहद और तुलसी
एक चम्म च शहद के साथ 3-4 तुलसी की पत्ति्यां मिलाएं और खाली पेट सुबह खाएं।

anchorlink[13]anchorclose दही
दही को हर रोज खाने के साथ खिलाना चाहिये। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक ब्लै डर में खतरनाक बैक्टीेरिया को बढ़ने से रोकता है।

anchorlink[14]anchorclose मेथी
मेथी पावडर को सूखी अदरक और शहद के साथ मिला कर पानी के साथ खिलाएं। ऐसा हर दो दिन पर करें। आपको रिजल्ट साफ दिखाई देगा।
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anchorlink[15]anchorclose बेकिंग सोडा
यह यूरिन के पीएच बैलेंस को नियंत्रित करेगा। आधा चम्माच बेकिंग सोडा को 1 गिलास पानी के साथ मिक्सप कर के पिलायें।

anchorlink[16]anchorclose उबली पालक
अगर आप रात को डिनर के रूप में उबली हुई पालक खिलायीं है तो बार बार यूरिन जाने की समस्या पर कुछ विराम लग सकता है। यह आपके बच्चे को पोषण भी देगा।

anchorlink[17]anchorclose खूब पानी पियें
आप जितना ज्यापदा बच्चे को पानी पिलायेंगी, बच्चे के शरीर से उतना ही ज्या दा हाइड्रेट रहेगा और किडनी से गंदगी निकलेगी।
यह एक गंभीर समस्या है लेकिन सही समय पर जागरूक हो कर अपने बच्चे को इस बीमारी और इस की समस्या को बढ़ने से रोक सकती हैं।