अपने बच्चे को ब्‍लू-व्‍हेल गेम से इस तरह बचाएं

अब तक ३०० बच्चों की जन ले चूका है हत्यारा ब्‍लू-व्‍हेल गेम। अगर आप ने सावधानी नहीं बाराती तो आप का भी बच्चा हो सकता है शिकार। ब्‍लू-व्‍हेल गेम खलता है बच्चों के मानसिकता से। बच्चों का दिमाग बड़ों की तरह परिपक्व नहीं होता है। इसीलिए बच्चों को ब्‍लू-व्‍हेल गेम से सुरक्षित रखने के लिए माँ-बाप की समझदारी और सूझ-बूझ की भी आवश्यकता पड़ेगी।

अपने बच्चे को ब्‍लू-व्‍हेल गेम से इस तरह बचाएं

चौंक जाइयेगा ये जान कर आप की - 

पुरे विश्व में ब्‍लू व्‍हेल गेम को सर्च करने के मामले में भारत पहली स्थान पे है। 

दरिंदगी की हद ही पार हो गई!

सुनने में भी अटपटा सा लगता है!

क्या - कोई विडियो गेम कभी बच्चों की जान ले सकता है भला?

विश्वास नहीं होता!

मगर अफ़सोस - की यह बात सच है।

कातिल ब्‍लू-व्‍हेल गेम ने अब तक ३०० से ज्यादा बच्चों की जान

इस कातिल ब्‍लू-व्‍हेल गेम ने अब तक ३०० से ज्यादा बच्चों की जान ले चूका है। 

viralblock

इस बात से यह पता चलता है की बच्चों के दिमाग पे कंप्यूटर, इन्टरनेट और ऑनलाइन गेम्स का बहुत प्रभाव पड़ता है। 

बच्चों को दुनियादारी की समझ नही होती है और वो जो भी देखते हैं उसे सच मन बैठते हैं। इसीलिए माँ-बाप के लिए यह जरुरी है की ध्यान रखें की उनका बच्चा किन चीज़ों में अपना समय ज्यादा व्यतीत करता है। 

कुछ सॉफ्टवेयर हैं जो पेरेंट्स की मदद करते हैं बच्चों को इंटरनेट की जोखिमों से बचाने में। इन्हे पैरेंटल कन्ट्रो एप्स (parental control apps) के नाम से जाना जाता है। हम आपको कुछ बेहतरीन (parental control apps) के बारे में बताएँगे जो आपके बच्चों की सुरक्षा करेगा जब आपके बच्चे ऑनलाइन होते हैं।

Blue Whale Game Safety for Kids in Hindi

viralblock

क्या है ब्‍लू-व्‍हेल गेम Blue Whale Game Safety for Kids in Hindi

क्या है  ब्‍लू-व्‍हेल गेम?

ब्‍लू-व्‍हेल गेम को साल 2013 में रशिया में बनाया गया था। इस गेम को 25 साल के फिलिप नमक एक व्यक्ति ने बनाया है। 

उसे इस गेम को बनाने और गेम के द्वारा बच्चों की हत्या के मामले में जेल हो चका है। कुछ ही दिनों में फेसबुक की ही तरह रूस की एक सोशल मीडिया साइट पे यह गेम काफी प्रसिद्ध हो गया। 

फिर वहां से यह पूरी दुनिया में फ़ैल गया। दुनिया के जिस-जिस देश में यह गेम गया, इसने भरी संख्या में बच्चों की जान ली। 

गेम इस स्तर पे पहुँच गया है जहाँ से इस रोकना कई देशों की सरकार के लिए भी मुश्किल हो गया है। 

ब्‍लू-व्‍हेल गेम बच्चों के मन को प्रभावित करता है

ब्‍लू-व्‍हेल गेम बच्चों के मन को प्रभावित करता है

ब्‍लू-व्‍हेल गेम का असर बच्चों के कोमल मन को प्रभावित करता है और उनके सोचने-समझने की छमता को ख़त्म कर देता है। 

ब्‍लू-व्‍हेल गेम के एडमिनिस्ट्रेटर की बात मने तो यह कोई गेम नहीं है बल्कि एक कम्‍यूनिटी है। इस कम्युनिटी के के लोगों को ५० टास्क दिए जाते हैं। 

इस ५० टास्क को ५० दिनों में पूरा किया जाना होता है। इस टास्क को पूरा करने वालों को साक्ष्य के रूप में अपना फोटो और वीडियो अपलोड करना होता है। 

ये टास्क मासूम बच्चों को इतना उलझा के रख देते हैं की उन्हें पता ही चलता की कब एक के बाद एक टास्क करते करते - वे टास्क के गुलाम इस कदर बन जाते हैं की जब उन्हें कहा जाता है की अब आप अपनी जान दे दीजिये तो वो बच्चे जान देने से पहले एक बार के लिए भी नहीं सोचते हैं और अपनी जान खुद ले लेते हैं। 

हर टास्क को ख़त्म करने पे बच्चों को एक अजीब सी उपलब्धि का एहसास होता है। और इस सिलसिलेवार टास्क के जल में उन्हें आत्महत्या भी एक साहसिक उपलब्धि की तरह दिखाई देती है। 

roxpoxdox1

अवसादग्रस्‍त किशोरो को लुभाता है ब्‍लू-व्‍हेल गेम

अवसादग्रस्‍त किशोरो को लुभाता है ब्‍लू-व्‍हेल गेम 

ब्‍लू-व्‍हेल गेम अपनी तरफ आकर्षित करता है अवसादग्रस्‍त किशोरो को। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार भारत में करीब 5 करोड़ अवसाद रोगी हैं। 

इनमे भारी संख्या बच्चों की है। जब अवसादग्रस्‍त बच्चे इस गेम के संपर्क में आते हैं तो वे तुरंत इसके मेंबर बन जाते हैं। 

ब्‍लू-व्‍हेल गेम के एडमिनिस्ट्रेटर्स कम्‍यूनिटी के मेंबर्स के कमजोर मनोबल को जानते हैं और इसी का फायदा उठा के वे बच्चों को आत्‍महत्‍या के लिए प्रेरित। वे आत्‍महत्‍या को एक साहसिक कदम बताते हैं। 

roxpoxdox2

बच्चों को ब्‍लू-व्‍हेल गेम से बचने का तरीका

बच्चों को ब्‍लू-व्‍हेल गेम से बचने का तरीका

ब्‍लू व्‍हेल गेम को सर्च करने के मामले में भारत के बच्चे और युवा पीढ़ी सबसे ऊपर स्थान पे है। हो सकता है यह आकड़ें इस लिए इस तरह हों क्योँ की भारत की जनसँख्या बहुत अधिक है। 

मगर यह भी सच है की चीन की जनसँख्या भारत से भी ज्यादा है मगर यह देश ब्‍लू व्‍हेल गेम के सर्च के मामले में भारत से बहुत पीछे है। इसका मतलब भारतीय माँ-बाप को इस गेम की वजह से चिंता करने की आवश्यकता है। 

  1. अपने बच्चों के साथ समय बिताना शुरू करें और उन्हें आभासी और वास्‍तविक दुनिया में अंतर करना सिखाएं।
  2. बच्चों को जीवन का मूल्य बताएं और उन्हें यह भी बताएं की जीवन उन्हें सिर्फ एक बार ही मिलता है। 
  3. उन्हें बताएं की जीवन से महत्वपूर्ण और कोई उपलब्धि नहीं है। जीवन है तो सब कुछ है। हार-जीत लगा रहता है। समय के साथ परिस्थितियॉं बदलती रहती हैं और अगर वे किसी बात को ले के परेशान हैं तो माँ-बाप उनकी मदद कर सकते हैं। 
  4. अपने बच्चों पे सफलता के लिए जरूरत से ज्यादा दबाव न बनायें। हर बच्चे की छमता अलग अलग होती है। हर बच्चे की कुछ ताकत होती है और कुछ कमजोरी। अपने बच्चों की तुलना किसी से भी नहीं करें। अपने बच्चों को कभी भी निचा न दिखाएँ - विशेषकर दूसरों के सामने। 
  5. अपने बच्चों के साथ समय बिताते वक्त उनके अध्यापकों और दोस्तों के बारे में पूछे। इससे आप को अपने बच्चे के निजी जिंदगी के बारे में पता चलेगा। आप को यह भी पता चलेगा की आप के बच्चे को कोई परेशान तो नहीं कर रहा है। 
  6. अगर आप अपने बच्चे के सवभाव में परिवर्तन देखें तो तुरंत सजग हो जाएँ। आगे जरुरत पड़े तो विशेषज्ञ से कॉउंसलिंग भी करवाएं। 
  7. अपने बच्चों को बताएं को आप उनसे बहुत प्यार करते हैं और वे आप के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अपने बच्चों को समस्या से लड़ना सिखाएं और उनके अंदर लीडरशिप-महानता के गुणों का विकास करने के लिए प्रयास करें। 
  8. बच्चों को हमेशा भाषण देने की बजाएं उनको सुनने की भी कोशिश करें। एक अच्‍छे पेरेंट बनने की पहली सीढ़ी है एक अच्छे श्रोता बनना। 

Protect Your Child from Blue Whale Challenge Game in Hindi