
अंडे बहुत से आहारों में पाए जाते हैं।
इन्हें न केवल नाश्ते के लिए परोसा जाता है, बल्कि ये सभी तरह के खाद्य पदार्थों में भी हैं - जैसे की सैंडविच से कटी-रोल तक।
लेकिन अगर आप के शिशु को अंडे से एलर्जी है तो आप क्या करेंगे?
शिशुओं को कभी-कभी अंडे से एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है।
यदि ऐसा होता है,
तो अपने शिशु को कुछ समय के लिए अंडे नहीं दें खाने के लिए।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि ज्यादातर बच्चों में 5 वर्ष की आयु के बाद से अंडे की एलर्जी नहीं होती है। और उसके बाद वे अंडे खा सकते हैं बिना किसी समस्या या तकलीफ के।
अंडा से एलर्जी क्यूँ होता है?
यह तो आप जानते ही होंगे की कुछ लोगों को कुछ खास खाद्य पदार्थों से एलर्जी होता है, जैसे मूंगफली या दूध से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकता है। एलर्जी होने पे व्यक्ति का शारीर उस भोजन को एक खतरनाक पदार्थ समझता है। और उस व्यक्ति के शारीर में ठीक उसी तरह की प्रतिक्रिया होती है जिस तरह किसी खतरनाक जीवाणु के संक्रमण से। इस प्रकार की एलर्जी वाली प्रतिक्रिया आप के छोटे बच्चे के साथ भी हो सकता जब वो अंडे खाता है। ऐसा इस लिए क्योंकि उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली पूरी तरह से विकसित नहीं है और उसके शारीर को यह नहीं पता की अंडे में मौजूद प्रोटीन को शारीर के लिए अच्छी है या हानिकारक। (अंडे से एलर्जी होने वाले अधिकांश बच्चे अंडे के सफेद प्रोटीन के प्रति एलर्जी होते हैं, लेकिन कुछ बच्चों में अंडे के जर्दी में मौजूद प्रोटीन से भी प्रतिक्रिया होती हैं।)
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प्रतिरक्षा प्रणाली, जो आम तौर पर रोगाणुओं और अन्य समस्याओं से शारीर को बचाती है, अंडा के प्रोटीन से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का प्रयौग करती है। ठीक उसी तरह जैसे कि हानिकारक आक्रमणकारी जीवाणुओं और विषाणुओं से शरीर लड़ने में करता है। अंडे से एलर्जी होने पर बच्चा बीमार हो सकता है या अंडे खाने के बाद शरीर पे दाने निकल सकते है।
अंडे से एलर्जी की पहचान - लक्षण
अंडे से एलर्जी के कारण होने वाले लक्षणों में ये हैं:
- त्वचा पे: पित्ती, एक्जिमा, फ्लशिंग या सूजन
- पाचन तंत्र: पेट दर्द, दस्त, मतली, उल्टी, या मुंह के आसपास खुजली
- श्वसन प्रणाली: नाक का बहना, घरघराहट, या साँस लेने में कठिनाई
- कार्डियोवास्कुलर सिस्टम: तेजी से दिल का धड़कना, कम रक्तचाप, या हृदय की समस्याएं
दुर्लभ मामलों में, शिशु को बहुत गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है जिससे एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis) हो सकती है। बहुत गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया होने पे तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता है। क्योंकि शिशु को श्वास की समस्याएं हो सकती हैं और रक्तचाप में कमी आ सकती है - जिसके कारण शिशु की मृत्यु भी हो सकती है।
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एनाफिलेक्सिस को एपिनेफ़्रिन नामक एक दवा के साथ इलाज किया जाता है, जो इंजेक्शन (एक शॉट) द्वारा दिया जाता है। जिन बच्चों को बहुत गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया होती है, वे आम तौर पर इस दवा (एपिनफ्रिन इंजेक्शन) को लेते हैं।
शिशु में अंडे से एलर्जी का निदान कैसे किया जाता है?
चूंकि यह एलर्जी अक्सर पहली बार बच्चों में देखा जाता है, इसलिए माँ या पिता यह अनुभव करते हैं की उनके बच्चे जैसे ही अंडे कहते हैं उनके बच्चे के शरीर पे दाने हो जाते हैं या अंडे खाने के तुरंत बाद बीमार पड़ जाते हैं। आम तौर पर बच्चे को अंडे देने से बचने चाहिए जब तक वह बड़ा न हो जाये। चिकित्सक के अनुसार कुछ महीनों के बादआप अपने शिशु को फिर से अंडे देने का प्रयास कर सकती हैं।
अगर, आप के बच्चे में बड़े होने के बाद भी अंडे की प्रतिक्रिया हुई है, तो आपको अपने शिशु को अंडे या अंडे से बानी कुछ भी आहार नहीं परोसनी चाहिए। आप के शिशु को अंडे से अलेर्जी होने पे अपने डॉक्टर की राय ले लें। कभी कभी डॉक्टर शिशु की त्वचा परीक्षण करने का फैसला कर सकते हैं। त्वचा परीक्षण एक भरोसेमंद तरीका है यह जांचने का की आप के शिशु को क्या सही में अंडे से एलर्जी है या किसी अन्य खाद्य पदार्थों है।
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इसका इलाज कैसे किया जाता है?
अंडा एलर्जी का इलाज करने का सबसे अच्छा तरीका है अंडे खाने से बचना या अंडे वाले किसी भी भोजन से बचना। माता-पिता को अपने छोटे बच्चों का ख्याल रखना होगा ताकि वे अंडे से बनी कोई भी आहार न खाएं और बड़े बच्चों और युवा बच्चों को अंडे से खुद अपना बचाव करना होगा।
शिशु में अंडे की एलर्जी का बचाव
अगर आप के शिशु को अंडे के प्रति एलर्जी है तो आप इस बात का ख्याल रखें की आप के शिशु के बैग में हर वक्त इसके लिए दवा मौजूद हो। अपने बच्चे के स्कूल टीचर को बताएं की आप के शिशु को अंडे से एलर्जी और अगर आप का शिशु गलती से अंडा खा ले तो किस तरह उसकी सहायता की जा सकती है। अपने बच्चे के स्कूल टीचर को यह भी बताएं की आप के बच्चे के बैग में अंडे की अलेर्जी से बचाव के लिए दवा मैजूद है।
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अंडों से बचाव
अपने बच्चे को अलेर्जी से सुरक्षी रखने के लिए अंडों से बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। जब आप बहार से कुछ खरीद कर अपने बच्चे को दें तो खरीदने से पहले बिना संकोच के पूछ लें की कहीं उस खाद्य पदार्थों में अंडा तो नहीं है। साफ-साफ बता दें की आप के शिशु को अंडे से एलर्जी है।