
बधाई हो आप को :)
आप का शिशु अब पांच साल का हो गया है।
बच्चे देखते देखते कितने बड़े जाते हैं!
अब तो आप का शिशु स्कूल भी जाने लगा होगा।
उमीद है की आप ने अपने शिशु को जन्म के समय सरे टीके लगवाये हैं।
पांच साल की उम्र में शिशु को कुछ महत्वपूर्ण टीके लगाने की आवश्यकता है। इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी निचे दे रहे हैं। इन टीकों के बारे में आप अपने शिशु के डोक्टर से राय लें।
5 वर्ष की उम्र में शिशु को लगाये जाने वाले टीके
- एम एम आर (मम्प्स, खसरा, रूबेला) – दूसरी खुराक
- D.P.T.- दूसरा बूस्टर डोज़
- मुँह में लिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन- छठा खुराक
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एम एम आर (मम्प्स, खसरा, रूबेला) – दूसरी खुराक
बच्चों की तीन आम बीमारियां - मम्प्स, खसरा और रूबेला - इन तीनो बिमारियों से आप अपने शिशु को एम एम आर (मम्प्स, खसरा, रूबेला) के वैक्सीन के द्वारा बचा सकते हैं।
खसरा में शिशु को बुखार, त्वचा पे rash, खांसी, नाक का बहना और आँखों में पानी के लक्षण देखने को मिलते हैं। ज्यादा गंभीर स्थिति में शिशु को कान का संक्रमण, दस्त, निमोनिया, मस्तिष्क को छती और अंतिम चरण में मृत्यु भी हो सकती है।
D.P.T.- दूसरा बूस्टर डोज़
D.P.T. का टीका वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) भारत सरकार द्वारा जारी अनिवार्य टीकों की सूचि में समलित है। यह टिका 6 महीने से कम उम्र के शिशु को दिया जाता है। शिशु को पांच साल की उम्र में D.P.T. का दूसरा बूस्टर डोज़ दिया जाता है।
हर साल करीब एक साल से कम उम्र के तीन लाख बच्चे विकासशील देशों में डिफ्थीरिया, कालीखांसी और टिटनस (Tetanus) के संक्रमण के कारण मृत्यु के शिकार होते हैं। ये मुख्यता वो बच्चे हैं जिन्हे D.P.T. का टीका वैक्सीन (D.P.T. Vaccine) या तो नहीं लगाया गया या फिर समय पे नहीं लगाया गया।
मुँह में लिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन- छठा खुराक
मुँह में दिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन (OPV) टीका शिशु के शारीर में एंटीबाडीज (antibodies) का निर्माण करता है। OPV टीका के द्वारा शिशु के शारीर में पैदा हुए एंटीबाडीज (antibodies), शिशु को पोलियो के वायरस से बचाते हैं। पोलियो का वायरस शिशु के nervous system पे आक्रमण करता है और शारीर को लकवा ग्रस्त कर देता है। लेकिन जिन बच्चों को मुँह में दिया जाने वाला पोलियो वैक्सीन (OPV) दिया जाता है - उन बच्चों में पोलियो के वायरस से लड़ने के लिए एंटीबाडीज (antibodies) पैदा हो जाता है और शिशु पोलियो के वायरस से सुरक्षित हो जाता है।