
ठण्ड के दिनों में बच्चे कब और कैसे बीमार पड़ जाते हैं - पता ही नहीं चलता है। इसीलिए इस लेख में हम देखेंगे 12 प्रभावी तरीके जिनकी सहायता से आप अपने शिशु की सर्दी, जुकाम और खांसी को दूर कर सकती हैं। चूँकि ये खांसी के घरेलु उपचार हैं (khansi ka gharelu upchar), इनके कोई side effects भी नहीं हैं।
बच्चों को ठण्ड के दिनों में सर्दी और जुकाम लगना आम बात है।
अपने चारों तरफ अच्छी तरह निगाहे दौड़ाइए!
क्या आप को पता है की आप के चारों तरफ हवा में 200 से ज्यादा सर्दी और जुकाम का संक्रमण फ़ैलाने वाले विषाणु (virus) मौजूद हैं?
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आप के सांसों के दुवारा सर्दी और जुकाम के विषाणु (virus) आराम से आप के शरीर के अंदर घुसते और बहार निकल जाते हैं।
और आप को कुछ होता भी नहीं है। आप को तो पता भी नहीं चलता है - क्योँकि ये विषाणु (virus) इतने सूक्षम होते हैं की इन्हे आखों से देखा नहीं जा सकता है।
लेकिन जब मौसम बदलता है तो परिस्थितियां कुछ इस तरह बनती है की आप का शरीर सर्दी और जुकाम के विषाणु (virus) का सामना नहीं कर पता है और सर्दी और जुकाम के विषाणु (virus) आप के शरीर पे हावी हो जाये हैं। और तब आप बीमार पड़ जाते हैं।
ठीक इसी तरह आप के बच्चे के साथ भी होता है।
लेकिन
आप का बच्चा आप की तुलना में कहीं ज्यादा बीमार पड़ता है।
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इसके दो कारण हैं:
- आप के बच्चे का शरीर व्यस्क लोगों की तरह आसानी से शारीरिक तापमान को नियंत्रित नहीं कर पता है। इसका मतलब आप के शिशु का शरीर इतना विकसित नहीं हुआ है की ठण्ड के दिनों में शरीर को गरम रख सके और गर्मियों में उसे ठंडा। इसीलिए बाल रोग विशेषज्ञ इस बात की राय देते हैं की माताएं अपने बहुत छोटे बच्चे को अपने शरीर से सटा के रखें ताकि शिशु के शरीर को ठण्ड में गरम रख सके।
- दूसरा कारण यह है की आप के शिशु की रोग प्रतिरोधक छमता अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है। इस वजह से शिशु का शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम नहीं है।

सर्दी और जुकाम में अक्सर शिशु के शरीर का तापमान बढ़ जाता है। यह एक अच्छा संकेत हैं क्योँकि इसका मतलब यह है की बच्चे का शरीर सर्दी और जुखाम के संक्रमण से लड़ रहा है।
यह कोई चिंता का विषय नहीं है। शिशु का बुखार चार से पांच दिनों में आपने आप ही ठीक हो जाना चाहिए।
मगर अगर ऐसा नहीं होता है और पांच दिन से ज्यादा होने के बावजूद भी अगर बच्चे के बुखार में कोई सुधर नहीं हो रहा है तो तुरंत अपने बच्चे को नजदीकी शिशु स्वस्थ केंद्रों में ले के जाएँ या अपने शिशु के डॉक्टर की राय लें।
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ये तो हुई सर्दी, जुखाम और बुखार की बात।
इस लेख में:
- ~~~#1^^^ढेर सारा आराम@@@
- ~~~#2^^^तकिये का इस्तेमाल करिये@@@
- ~~~#3^^^नेसल स्ट्रिप (nasal strips) का इस्तेमाल करें@@@
- ~~~#4^^^नसल ड्राप - शिशु की बंद नाक के लिए@@@
- ~~~#5^^^शिशु के कमरे में ह्यूमिडीफायर (humidifier) का प्रयोग करें@@@
- ~~~#6^^^गुनगुने पानी का गारगल @@@
- ~~~#7^^^सर्दी और जुखाम में शहद के गुण@@@
- ~~~#8^^^सर्दी और जुखाम में लहसुन भी गुणकारी @@@
- ~~~#9^^^शिशु को खूब तरल दें@@@
- ~~~#10^^^सब्जियों का सूप@@@
- ~~~#11^^^शिशु को स्नान घर में भाप दिलाएं@@@
अब देखते हैं 11 प्रभावी तरीके शिशु की सर्दी, जुकाम और खांसी को दूर करने के लिए:
anchorlink[1]anchorclose 1. ढेर सारा आराम
सोने से बेहतर कोई दवा नहीं है। अपने शिशु को बिस्तर पे आराम करने दें। सोना शरीर को स्वस्थ रखता है और ठण्ड के दिनों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बीमारी को दूर करता है। सोने से और पूरी तरह से आराम करने से शरीर का immune system और सुदृण बनता है।

जब आप का बच्चा आराम कर रहा हो तो उसे बहुत सारे कम्बल और चादरों से न ढकिये। इससे उसके शरीर का तापमान बहुत बढ़ जायेगा - इससे उसके बुखार होने की सम्भावना बढ़ जाएगी।
anchorlink[2]anchorclose 2. तकिये का इस्तेमाल करिये
आप का शिशु जब सोये तो उसके सर के निचे तकिये का प्रयोग करें। इससे उसका सर शरीर की तुलना में थोड़ा ऊंचाई पे हो जायेगा।

इससे बच्चे को साँस लेने में आसानी होगी और बहुत हद तक उसकी बंद नाक होने की सम्भावना भी कम होगी या अगर उसकी नक् बंद है तो उसे खुलने में भी मदद मिलेगी।
anchorlink[3]anchorclose 3. नेसल स्ट्रिप (nasal strips) का इस्तेमाल करें
शिशु की नाक बंद होने पे सबसे ज्यादा तकलीफ रात को सोते वक्त होती है। जब शिशु ठीक से साँस नहीं ले पता है तो उसे नींद नहीं आती है। इससे बच्चा बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है। अक्सर ऐसी स्थिति में बच्चे थोड़ा-थोड़ सो के उठ जाते हैं और खूब रोते हैं।

अधिकांश मामलों में तो रोते - रोते उलटी तक कर देते हैं। नेसल स्ट्रिप (nasal strips) की मदद से आप शिशु को तुरंत रहत पहुंचा सकती हैं। नेसल स्ट्रिप (nasal strips) शिशु के नाक को फैला देता है जिससे की नाक का छिद्र बड़ा हो जाता है और बंद नाक होने के बावजूद शिशु सांस लेने में सक्षम हो जाता है। इसका इस्तेमाल रात में शिशु के सोने के लिए कीजिये। इसके इस्तेमाल से आप का शिशु पूरी रात आराम से सोयेगा।
anchorlink[4]anchorclose 4. नसल ड्राप - शिशु की बंद नाक के लिए
शिशु की बंद नाक का इलाज सबसे बेहतर इलाज है - नेसल ड्राप (nasal drop/saline drops)। यह शिशु की बंद नाक को घर में खोलने का सबसे प्रभावशाली तरीका है। (Treatment for blocked nose at home) सबसे अच्छी बात यह है की इसका कोई साइड इफेक्ट्स (side effects) भी नहीं है। नेसल ड्राप के डब्बे पे अगर आप इसमें इस्तेमाल हुए सामग्री के बारे में पढ़ें तो आप पाएंगे की यह एक साधारण नमक और पानी का घोल ही है जिसे की एक विशेष अनुपात में मिला के बनाया गया है। नसल ड्राप में इस्तेमाल हुए सामग्री को आप [यहां click कर के] देख सकती हैं।

यह शिशु की बंद नाक को तुरंत खोलता है, और सांस लेना आसान बनाता है। इसे आप अपने बच्चे को जितनी बार आवशकता हो दे सकती हैं। इसे घर पे आसानी से त्यार किया जा सकता हैं लेकिन इस घर पे आप त्यार नहीं कीजियेगा - क्योँकि इसे घर पे त्यार करते वक्त बहुत सी अशुद्धि इस मिश्रण में आ सकती है जिससे की इसके इस्तेमाल से शिशु का संक्रमण बढ़ सकता है या अशुद्धि की वजह से उसे नाक में irritation भी हो सकता है। बाजार से नेसल ड्राप (nasal drop/saline drops) खरीद के शिशु के लिए इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित और कारगर तरीका है शिशु की बंद नाक को खोलने का।
anchorlink[5]anchorclose 5. शिशु के कमरे में ह्यूमिडीफायर (humidifier) का प्रयोग करें
ठण्ड के दिनों में आप को शायद अंदाजा नहीं होगा मगर कमरे की नमी का स्तर बहुत गिर जाता है। नमी (humidity) का स्तर कम होने से शरीर की त्वचा रूखी हो जाती है, एड़ियां फटने लगती है, गाला सूखने लगता है, उनमें खराश पैदा होता है, नाक में irritation होने की वजह से साँस से सम्बंधित समस्या पैदा होती है। ऐसी स्थिति में गरम पानी का भाप लेने से बहुत आराम मिलता है।
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लेकिन छोटे बच्चों को गरम पानी का भाप देना खतरनाक हो सकता है क्योँकि वे बहुत ही नटखट होते है और इसीस लिए गरम पानी से उनके जलने की भी सम्भावना रहती है। इस स्थिति में ह्यूमिडीफायर (humidifier) बड़े ही काम की चीज़ है।
ह्यूमिडीफायर (humidifier) के इस्तेमाल से आप अपने बच्चे के कमरे के नमी का स्तर बढ़ा सकती हैं। कमरे में ह्यूमिडीफायर (humidifier) को ऐसे स्थान पे रखें की जहाँ बच्चे पहुँच न सके।
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बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार जैसे ही आप अपने बच्चे में सर्दी और जुकाम के कोई भी लक्षण देखें - तुरंत ह्यूमिडीफायर (humidifier) का इस्तेमाल शुरू कर दें। ह्यूमिडीफायर (humidifier) आप के बच्चे को सर्दी और जुकाम के आम लक्षणों से राहत पहुंचाएगा, शिशु की बंद नाक को खोलने में मदद करेगा, और रात में सोते वक्त शिशु आरामदायक नीड सो सकेगा।
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बस इस बात का ध्यान रखें की हर बार ह्यूमिडीफायर (humidifier) के इस्तेमाल के बाद इसे अगले इतेमाल के लिए धूल के रख दें। अगले दिन कमरे के खिड़की और दरवाजे कुछ देर के लिए खुला छोड़ दें ताकि अत्यधिक जमी नमी निकल जाये।
ह्यूमिडीफायर (humidifier) के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करने के लिए आप यहाँ click कर के पढ़ सकती हैं।
anchorlink[6]anchorclose गुनगुने पानी का गारगल
खांसी की वजह से बच्चे के गले में खराश और सूजन होना स्वाभाविक है। शिशु को सर्दी और जुकाम में गुनगुने पानी का गारगल कराने से उसे राहत पहुंचता है। गुनगुने पानी का गारगल त्यार करने के लिए एक ग्लास गुनगुना गरम पानी लें। इस गरम पानी में चुटकी भर नामक डालें।
पानी इतना गरम हो की जिसे आप का शिशु आसानी से अपने मुँह में ले सके। अपने शिशु को नमक और पानी के मिश्रण से गारगल कराएं। आप के शिशु को गले की सूजन और खराश से तुरंत आराम मिलेगा।

ठण्ड के दिनों में अपने बच्चे को केवल गरम पानी पिने को दें। इससे भी आप के बच्चे को बहुत आराम मिलेगा। ठण्ड के दिनों में शिशु के लिए हर थोड़ी - थोड़ी देर पे पानी गरम करना बहुत तकलीफदेह हो सकता है। इससे बचने के लिए आप electric water heater खरीद सकती हैं।
यह एक केतली या जग की तरह होता है जिसमे पानी को गरम करने के लिए अंदर बिजली का सर्किट होता है। यह छोटा सा यूनिट आप अपने बिस्तर के नजदीक टेबल पे रख सकती हैं ताकि रात में गरम पानी के लिए आप को किचिन तक जाने की आवशकता न पड़े। गैस की तुलना में इसमें पानी जल्दी गरम हो जाता है - साथ ही इससे मिली सहुलीयत के कारण बच्चों को दिन में हर बार और केवल गरम पानी पिलाना आसान हो जाता है और यह गैस की भी खूब बचत करता है।
इसे आप बहुत से काम के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं - जैसे की ठण्ड के दिनों में
- इसमें आप बच्चे के लिए गुनगुने पानी का गारगल त्यार कर सकती हैं
- गरम पानी का भाप लेने के लिए पानी गरम कर सकती हैं
- बच्चे और बड़ों को गरम पानी पिलाने के लिए समय-समय पे पानी गरम करने की आवशकता पड़ती है। पिने का पानी भी आप इसमें गरम कर सकती हैं।
- बच्चे के लिए बोतल का दूध (formula milk) त्यार करने के लिए पानी गरम कर सकती हैं - ताकि आप बच्चे को बोतल से गरम दूध पीला सकें।
इसे आप और भी बहुत से काम के लिए प्रयोग कर सकती हैं जैसे की coffee के लिए भी गरम पानी त्यार कर सकती हैं। इलेक्ट्रिक वाटर हीटर के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप यहाँ click कर के पढ़ सकती हैं।
anchorlink[7]anchorclose 7. सर्दी और जुखाम में शहद के गुण
सर्दी और जुकाम को दूर करने के लिए शहद बहुत काम की चीज़ है। लेकिन शहद केवल एक साल से बड़े बच्चों को ही दिया जा सकता है। सर्दी और जुखाम में शहद इतना प्रभावी है की बाजार में मिलने वाले अधिकांश सर्दी-जुकाम के सिरप (syrup) में शहद का इस्तेमाल किया जाता है। शहद बाजार में कई आकर में उपलब्ध है - इसीलिए अपनी आवशकता के अनुसार आप इसे आसानी से खरीद सकती हैं। शहद के सारे उपलब्ध आकर की जानकारी आप यहां क्लिक कर के खरीद सकती हैं।
anchorlink[8]anchorclose 8. सर्दी और जुखाम में लहसुन भी गुणकारी
ठीक शहद की तरह लहसून को भी कई सदियोँ से सर्दी और जुकाम के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें एक तत्त्व पाया जाता है जिसे allicin कहते हैं।

यह एक रासायनिक compound जिसमे जीवाणुरोधी गुण (anti-bacterial properties) पाए गए हैं। ठण्ड के दिनों में बच्चों को सर्दी और जुकाम से बचाने के लिए आप उनके आहार में जरा सा लहसून मिला सकती हैं। शिशु आहार में बहुत ज्यादा लहसुन मिलाने से बच्चे इसके महक के कारण इसे न खाएं। इसीसलिए शिशु के आहार में लहसुन की मात्रा इतनी हो की बच्चे को पता भी न चले की आहार में लहसुन मिला है।
anchorlink[9]anchorclose 9. शिशु को खूब तरल दें
सर्दी और जुकाम में बच्चे को अच्छी तरह से hydrated रखें। खूब पानी पिने से या तरल आहार लेने से - शरीर से तरल जीवाणुओं को साफ़ कर के बहार कर देगा।

शिशु को आप तरल किसी भी र्रोप में दे सकती हैं जैसे की सदा-पानी, फ्रूट जूस, सूप, खूब पानी वाली सब्जी, पतली खिचड़ी इत्यादि। आप शिशु को दूध भी दे सकती हैं, मगर बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार दूध शरीर में मौजूद बलगम (mucus) को गाहड़ा (thick consistency) कर देता है। लेकिन शिशु को दूध में चुटकी भर हल्दी मिला के दिया जा सकता है। शिशु की सर्दी और जुकाम को ठीक करने के लिए हल्दी वाली दूध का इस्तेमाल सदियोँ से किया जा रहा है।
anchorlink[10]anchorclose 10. सब्जियों का सूप
सब्जियों का सूप बच्चों के शरीर में तरल की मात्रा को बढ़ता है। तरल की मात्रा बढ़ने से शरीर को सर्दी और जुकाम के संक्रमण से लड़ने में सहायता मिलती है। लेकिन उसके साथ एक और फायदा मिलता है।

सब्जियों के गरम सूप से निकलने वाली भाप शिशु को सर्दी और जुकाम के लक्षण से थोड़ा आराम पहुंचती है। गरम सूप से शिशु के गले की सेकाई हो जाती है - जिससे गले की सूजन कम होती है, खराश कम होता है और बच्चे को गले की तकलीफ से राहत मिलती है। गरम सूप छाती में जमे बलगम (mucus) को भी ढीला करता है और congestion को कम करता है।
anchorlink[11]anchorclose 11. शिशु को स्नान घर में भाप दिलाएं
एक कटोरे में गरम पानी लेके शिशु को पानी का भाप देना जोखिम भरा है क्योँकि थोड़ी सी भी लापरवाही में वे जल सकते हैं।

स्नान घर में आप ने कभी देखा है की ग्राम पानी का शावर (shower) खोलते ही गरम पानी से भाप निकल के पुरे स्नानघर को भर देती है। बस इसी का फायदा उठाना है। ठण्ड के दिनों में बच्चे को आदि और जुकाम के लक्षणों से राहत पहुँचाने के लिए बाथरूम (स्नान घर) का शावर (shower) खोल दें। इससे थोड़ी ही देर में पूरा स्नानघर पानी के भाप से भर जायेगा। अब पंद्रह से बीस मिनट के लिए अपने बच्चे को गोदी में लेके स्नानघर के अंदर चले जाईये। इससे बच्चे को गरम पानी का भाप मिल जायेगा जो उसे सर्दी और जुकाम में अभूत फायदा पहुंचेगा।