
प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला के लिए नारियल पानी बहुत फायदेमंद है क्योंकि इसके सेवन से कई तरह की बीमारियां और प्रेगनेंसी से संबंधित कई प्रकार की जटिलताएं दूर होती है।
यह गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा होता है। नारियल पानी में कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद रहते हैं जो गर्भवती स्त्री के शरीर में पोषण की आवश्यकता को पूरा करते हैं।
इस लेख में हम आपको बताएंगे नारियल के उन सभी फायदों के बारे में जो प्रेगनेंसी के दौरान इसके सेवन से एक गर्भवती महिला को मिलता है।
गर्भावस्था में नारियल पानी का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और तरल पदार्थो की मात्रा की दैनिक आवश्यकता की पूर्ति करता है।
इस लेख में:
- नारियल पानी में पोषक तत्त्व
- प्रेगनेंसी में नारियल पानी के फायदे
- गर्भावस्था में नारियल पानी पोषण प्रदान करता है
- प्रेगनेंसी में नारियल का सेवन
- गर्भावस्था में थकान और डीहाइड्रेशन
- नारियल पानी रेचक (लैक्सेटिव) है
- नारियल से संबंधित सावधानियां

नारियल पानी में पोषक तत्त्व
नारियल पानी में चीनी, सोडियम और प्रोटीन के साथ ही इलेक्ट्रोलाइट्स, क्लोराइड्स, मैग्नीशियम, कैल्शियम, रिबोफ्लेविन और विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है।
साथ ही इसमें अन्य कई तरह के विटामिन्स, खनिज, और कार्बोहाइड्रेट भी पाया जाता है। यह गर्भ में शिशु के विकास के लिए और गर्भवती महिला की स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है।
नारियल पानी शरीर में खून के स्तर को बढ़ाने, यूरिनल इंफेक्शन को दूर करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक है।
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प्रेगनेंसी में नारियल पानी के फायदे
(Benefits of coconut water in pregnancy)
- गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में कई प्रकार के हार्मोन अल परिवर्तन होते हैं जिनकी वजह से गर्भवती महिला को कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं और जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान अगर प्रेग्नेंट महिला नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन करें तो प्रेगनेंसी के दौरान बहुत फायदा मिलता है।
- आपको सुनकर शायद या ताजुब लगे लेकिन, नारियल पानी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यानी कि इसके सेवन से शरीर में इम्यूनिटी पावर बढ़ती है। साथ ही साथ नारियल पानी अनेक तरह की खतरनाक बीमारियों जैसे कि HIV flu तथा अन्य बीमारियों से भी बचाता है।
- गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला के व्यवहार में भी परिवर्तन देखने को मिलता है। शारीरिक तनाव की वजह से गर्भवती महिला का वह वार छिड़ा हो जाता है। ऐसे में नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन गर्भवती महिला के मूड को व्यवस्थित रखता है।
- गर्भावस्था में यूरीनरी टेस्ट ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में नारियल पानी यूरीनरी टेस्ट ट्रैक्ट इंफेक्शन की संभावना को कम करता है।
- नारियल पानी में पोषण की कोई कमी नहीं होती है इसीलिए इसके सेवन से गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु को कई प्रकार की जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता पूरी होती है। यूं कहे तो नारियल पानी गर्भवती महिला तथा बच्चे दोनों की पोषण की आवश्यकता को पूरा करता है।
- नारियल में थोड़ा व्यवस्था नहीं होता है, इस वजह से नारियल खाने से या नारियल पीने से शरीर में एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का अच्छा कोलेस्ट्रॉल है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- गर्भावस्था के दौरान यह देखा गया है कि गर्भवती महिला को थकान और डिहाइड्रेशन का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर यदि गर्भवती महिला नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन करें तो वह इस समस्या को दूर कर सकती हैं।
- गर्भावस्था में गर्भवती महिला को पेशाब करते वक्त जलन का सामना करना पड़ता है। नारियल पानी के नियमित सेवन से यह पाया गया है कि यह पेशाब करते समय होने वाले जलन को कम करता है।
- गर्भावस्था में महिला के शरीर का वजन अनावश्यक रूप से बढ़ने लगता है। नारियल के सेवन से शरीर के वजन को नियंत्रित करने में सहायता मिलता है।
- कुछ गर्भवती महिलाओं ने यह पाया है कि गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से और नारियल खाने से बच्चा गोरा और नियोग पैदा होता है। हालांकि वैज्ञानिक तौर पर इसकी कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है और ना ही इस पर कोई शोध किया गया है।

गर्भावस्था में नारियल पानी पोषण प्रदान करता है
गर्भावस्था के दौरान एक गर्भवती महिला को कई प्रकार की पोषण की आवश्यकता पड़ती है। एक ही प्रकार के आहार से हर प्रकार के पोषण की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है।
इसीलिए गर्भावस्था के दौरान अपने खाने में एक गर्भवती महिला को कई प्रकार के आहार ओं को सम्मिलित करना चाहिए। मौसम के अनुसार फल और सब्जियों को भी अपने आहार में सम्मिलित करना चाहिए।
गर्भवती महिला के शरीर को हर प्रकार के पोषण को प्रदान करने में नारियल का पानी भी बहुत महत्वपूर्ण है।
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गर्भावस्था के दौरान पोषण की आवश्यकता ना केवल गर्भवती महिला को पड़ता है बल्कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु को भी शारीरिक विकास के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है।
नारियल का पानी कैसा तरल है जो गर्भवती महिला और उसी घर में पल रहे शिशु को पोषण से संबंधित की कई प्रकार की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

प्रेगनेंसी में नारियल का सेवन
गर्भावस्था के दौरान नारियल का सेवन कई तरह से किया जा सकता है - उदाहरण के लिए आप नारियल पानी, नारियल की चटनी, सूखा हुआ नारियल या फिर सफेद नारियल भी खा सकती हैं।
यह सभी नारियल के अलग-अलग रूप है। चाहे आप नारियल को जिस तरह भी खाएं, आपके शरीर को इसके कई तरह के लाभ मिलेंगे। यह हृदय रोगों की समस्या को दूर करेगा, दिमाग और मानसिक समस्याओं को जैसे कि चिड़चिड़ापन इत्यादि को दूर करेगा, आपके शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाएगा, आपके वजन को नियंत्रण में रखेगा और आपके बालों को मजबूती प्रदान करेगा।
यह आमतौर पर पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाएं थोड़ी चिड़चिड़ी हो जाती है, यह शरीर में हो रहे हारमोंस बदलाव की वजह से होता है। गर्भावस्था के दौरान यह भी देखा गया है कि कुछ महिलाओं के बाल जरूरत से ज्यादा झड़ने लगते हैं। नारियल का पानी इन दोनों समस्याओं को जड़ से हल करता है।
गर्भावस्था में थकान और डीहाइड्रेशन
प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं में थकान पर डिहाइड्रेशन की समस्या एक आम बात है। नारियल का पानी एक तरह का आइसो टॉनिक वॉटर है जो गर्भवती स्त्री को हमेशा एनर्जेटिक रखता है।
नारियल पानी में प्राकृतिक नमक ( नेचुरल शॉट) पाया जाता है जो शरीर के लिए गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद है।नारियल पानी गर्भावस्था के दौरान एनीमिया, कब्ज और अम्लता (एसिडिटी) और मॉर्निंग सिकनेस सुरक्षा प्रदान करता है।

नारियल पानी रेचक (लैक्सेटिव) है
आयुर्वेद के अनुसार नारियल पानी को रेचक (लैक्सेटिव) के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह ठंडक उल्टी और पैत्तिक बुखार को दूर करता है। यदि आपको प्यास लगा है और आप अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी के अलावा किसी अन्य पये की तलाश कर रही हैं तो हम आपको यही राय देंगे कि आप सोडायुक्त पेय या डिब्बाबंद फलों के रस की बजाये, अगर नारियल पानी का विकल्प मौजूद है तो नारियल पानी ही पीजिए। नारियल पानी में ना तो किसी प्रकार का कृत्रिम स्वार्थ होता है ना ही इसे सुरक्षित रखने के लिए किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल किया जाता है।
साथी इसके पीने से आपके शरीर को कई प्रकार के पोषक तत्व भी मिलते हैं - लेकिन सोडायुक्त पेय आपके शरीर को मात्र खाली कैलोरी (empty calorie) मिलेगा जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।
नारियल पानी चाय और कॉफी कभी अच्छा विकल्प है। गर्भावस्था के दौरान जितना कम हो सके कॉपी करते माल करें क्योंकि इसमें कैफीन की थोड़ी मात्रा होती है जो गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।

नारियल से संबंधित सावधानियां
- प्रकृति ने हमें जो भी प्रदान किया है उसका हमारे शरीर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है अगर उसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए। किसी भी चीज का अत्यधिक इस्तेमाल हानिकारक भी हो सकता है, और यही बात नारियल पानी पर भी लागू होती है। नारियल पानी स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है, गर्भावस्था के दौरान तो यह वरदान है, लेकिन इसका कितना सेवन करना चाहिए, विशेषकर गर्भावस्था के दौरान, यह भी जानना बहुत जरूरी है।
- नारियल पानी गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए बहुत अच्छा है लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए स्वच्छ पानी या फिल्टर क्या हुआ पानी सबसे बेहतरीन विकल्प है। सुबह यह शाम को आप नारियल पानी नियमित रूप से पी सकती है। लेकिन दिन भर या हर वक्त नारियल पानी पीने से बचें।
- नारियल खरीदते समय हमेशा सा ताजी और हरे नारियल को चुने। इस बात का ध्यान रखें कि नारियल को वह आपके सामने ही कांटे।
- जब नारियल को काटा जाता है उसी समय उसके पानी को पी लें ताकि आपको नारियल का ताजा पानी मिले तथा उस में पोषक तत्व बरकरार रहे हैं। नारियल का पानी पीने के लिए साफ स्ट्रोक का इस्तेमाल करें या नारियल पानी को साफ ग्लास में उंढेल कर पियें।
- अगर नारियल पानी पीते समय आपको इसका स्वाद ताजा ना लगे या इसका स्वाद पसंद ना आए या इसका स्वाद अलग सा लगे तो फिर उस नारियल पानी को ना पिए।