
आप का बच्चा यदि हर समय अपने नाख़ून को चबाता है तो उससे नाख़ून के वे सारे टिश्यू नष्ट हो जाते है। जिससे आपके बच्चे का नाखून दुबारा नहीं बढ सकता है।कई बार आप का बच्चा दूसरों के सामने शर्म भी महसूस करता हैं। अगर आप चाहते है कि इस आदत से आप का बच्चा निजात पा लें तो आपको कुछ बातों का ध्यान देना होगा:
- अपने बच्चे को ये समझाने का प्रयास करे की यह आदत ठीक नहीं हैं इससे बहुत नुकसान होता हैं।
- बच्चे को यह भी समझाए की यह आदत एक बार में नहीं छूटती हैं बल्कि यह बताये कि एक समय में एक ही अंगुली के नाखून को चबाने से खुद को रोकें।उसके बाद धीरे - धीरे दूसरी, तीसरी और अपने अंगुठे के नाखूनों को चबाना छोड़ें।इस तरह आप महसूस करेगी की आप का बच्चा नाखून चबाने की इस आदत से दूर होता जायेगा।
- कभी - कभी आप के बच्चे को मुंह में कुछ न कुछ चबाने का मन करता हैं तो उस की जगह पर वह अपने नाखून ही चबाने लगता है।आप अपने बच्चे को लॉलीपॉप या गाजर जैसी चबाने वाली चीजें उसके हाथ में दे दें जिससे वह नाख़ून की जगह इन चीजों का इस्तेमाल करेगा।
- अपने बच्चे के नाखून को हमेशा छोटा रखें क्योकि जब बच्चे का नाख़ून छोटा रहेगा तो उसकी यह आदत छूटेगी।
- जब आप के बच्चे का कभी नाखून चबाने का मन हो तो कोई दूसरा काम जैसे ड्राइंग या पेंटिंग कराने लगें।
- अपने बच्चे के नाख़ून पर बैंडेज या रंगीन स्टिकरों का इस्तेमाल करे इससे बच्चे को यह ध्यान रहेगा कि उसे नाखून नहीं चबाने हैं।
- नाखून चबाने की इस आदत से उससे उसके स्कूल में या फिर कॉलोनी के दोस्तों से कोई दिक्कत पेश आ रही है हो तो उसके टीचर से बातचीत करें। समस्या की तह तक पहुंचने की कोशिश करें।
- इतना करने के बाद भी अगर आपका बच्चा नाखून चबाता है तो उसे यह बताये की नाखून चबाने से उसे क्या-क्या दिक्कतें पेश आ सकती हैं जैसे- बदसूरती ,भद्दापन , उंगलियों की नोक लाल होना ,नाखूनों की ज़डों से खून का लगातार रिसाव होना ,नाखून ज़ड से निकल कर बाहर हो जाना , मुंह में इन्फेक्शन का खतरा हो जाना ,दांतों की समस्या, मसू़डों में इन्फेक्शन , नाखूनों की नॉर्मल ग्रोथ भी रूक जाना।
- अपने बच्चे के नाखूनों पर कुछ कड़वा लगाएं।
- कोई भी चीज़ जो कड़वी होती है उसे बच्चा अपने मुंह में डालने से बचता हैं। इसलिए अगर नाखूनों में कड़वापन होगा तो बच्चे को नाखून चबाने का मन नहीं करेगा। इसलिए नाखून चबाने कि आदत को सफलतापूर्वक रोकने के लिए आप अपने बच्चे के हाथों पर नीम की पत्ती , कोई कड़वा तेल, मिर्ची का पाउडर आदि लगाएं।

इन सभी उपायों से भी आप का बच्चा नाखून कुतरने की आदत यदि नहीं छोड़ पाता हैं तो उस में सुरक्षा की भावना ,आत्मविश्वास की भावना आदि पैदा करे। आत्मविश्वास की भावना आने से आप के बच्चे के अंदर का डर तथा असुरक्षा की भावना ख़तम होगी और हो सकता हैं की धीरे -धीरे बच्चे की यह आदत छूट जाये। आप अपने बच्चे पर स्पर्श थेरेपी द्वारा प्रेम दर्शाएं , आपका बच्चा सामान्य हो जाएगा क्योकि यह एक मनोवैजानिक कारण हैं ,जो डाटने , मारने और चिकित्सक की सलाह से नहीं ठीक होगा।

नाखून चबाने के नुकसान - दांत से नाखून काटने से क्या होता है
- नाखून चबाने पर संक्रमण का खतरा बनता है। नाखूनों में रहने वाले जीवाणुओं की एक अच्छी मात्रा है, जो नाखून चबाते समय आपके मुंह में और आपके पेट में जा सकती है
- नाखून चबाने से नाख़ून के किनारे छिल सकते हैं और आपके बच्चे के नाखूनों की त्वचा से खून बह सकता है।
- नाखून खाने से दांतों में छेद होने का खतरा बढ़ है।
- नाख़ून चबाने की आदत से दांतों का आकार बदलता है।
- नाखून चबाने की आदत बढ़ाए मानसिक तनाव।
- नाखून चबाने से दांतों के बीच गैप हो जाता है।
- नाखून चबाने से दाँत की संवेदनशीलता बढ़ती है

कैसे नाखून काटने को रोकने के लिए बच्चों को मनाएं
- नाखून चबाने की आदत शिशु में रोकने के लिए उसके मूल कारण की पहचान करें
- अगर शिशु के दातों में दर्द हो रहा है तो डॉक्टर से मिलें।
- अगर यह शिशु के आदत की वजह से है तो ऊपर लेख में बताये गए तरीके को अपनाएं।
- अच्छी तरह से नाखून को पहले ही काटें जिससे आपके शिशु के नाखून बड़े ना होने पर नाखून काटने का मन नहीं करेगा
- पारिवारिक के सभी सदस्यों को याद दिलाये की आपका बच्चा नाखून चबाता है
- अपने शिशु के नाखूनों को अच्छी तरह से बढ़ने के लिए उसे स्वस्थ आहार का सेवन कराएं।
- अगर आप का शिशु पांच साल का हो गया हो तो आप डॉक्टर से परामर्श कर सकते है और व्यवहार थेरेपी जैसी हैबिट रेवेर्सल ट्रेनिंग ले सकते है।

मुंह से नाखून काटना क्यों होता है अशुभ
नाख़ून काटने की आदत को विशेषज्ञ व्यक्ति की मानसिक स्थिति से जोड़कर बताते हैं। उनके अनुसार नाखून चबाने वाले लोग जीवन में व्यवस्थित और आदर्शवादी होते हैं। ये लोग अपना काम किसी भी कीमत पर करना चाहते हैं, लेकिन जब काम इनके मन मुताबिक ना चले तो ये परेशान हो जाते हैं। निराशा और अप्रसन्नता इन्हें घेर लेती है। स्वभाव से ऐसे लोग बेचैन होते हैं, इन्हें इंतजार करना नहीं पसंद। इसलिए जब मन मुताबिक परिणाम नहीं मिलते तो ये बेचैन होकर अपने नाखून चबाने लगते हैं। इनमें से अधिकतम लोग केवल नाखून चबाते ही रह जाते हैं और अंत में कार्य पूरा ना होने पर बड़ी निराशा का शिकार होते हैं। नाखून चबाने वाले लोग जब किसी काम को करने की ठानते हैं, तो सबसे पहले जरूरत से अधिक प्लानिंग करते हैं, लेकिन इसमें 10 प्रतिशत से भी कम लोग ही सफल होते हैं।