किस उम्र में दे बच्चों को स्मार्ट फ़ोन

स्मार्ट फ़ोन के जरिये माँ-बाप अपने बच्चे के संपर्क में २४ घंटे रह सकते हैं| बच्चे अगर स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल समझदारी से करे तो वो इसका इस्तेमाल अपने पढ़ाई में भी कर सकते हैं| मगर अधिकांश घटनाओं में बच्चे स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल समझदारी से नहीं करते हैं और तमाम समस्याओं का सामना उन्हें करना पड़ता है|

Why You Shouldnt Give A Child A Smartphone

क्या आप अपने बच्चों को स्मार्ट फ़ोन देने का मन बना रहे हैं? 

शायद आप ये सोच रहे होंगे की क्या आप के बच्चों की यह सही उम्र है स्मार्ट फ़ोन देने की? 

इसमें कोई ताजूब नहीं की बहुत से माँ-बाप अपने बच्चों को स्मार्ट फ़ोन देते हैं। ऐसा इसलिए ताकि वे अपने बच्चों के संपर्क में २४ घंटे रह सके। स्मार्ट फ़ोन से एक प्रकार की सहूलियत रहती है। स्मार्ट फ़ोन होने से बच्चों के सन्दर्भ में माँ-बाप सुरक्षित महसूस करते हैं। 

मगर स्मार्ट फ़ोन से सम्बंधित एक दुखद समाचार है। 

स्मार्ट फ़ोन से बच्चों में ध्यान केंद्रति करने की छमता में गिरावट पाया गया है। इसके साथ ही साथ, इसके ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों के कलाई में दुखन, सूजन और कई बार तो नींद बाधित होने की समस्या भी पाया गया है। बच्चों को जब एक बार स्मार्ट फ़ोन की लत लग जाती है तब उन्हें किसी बात का ख्याल नहीं रहता है। इसके चक्कर में उनकी नींद भी पूरी नहीं होती है।  इन सब के आलावा भी बच्चों के स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने के बहुत से नुकसान है।

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Kids and smartphones - Right Age for a Child to Get a Smartphone

बच्चे बड़ो की तरह स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल सोच समझ के नहीं करते हैं। बच्चों में समझदारी उम्र के साथ आती है, फिर चाहे वो स्मार्ट फ़ोन को इस्तेमाल करने से सम्बंधित ही क्योँ न हो। स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल समझदरी और दाइत्वापूर्ण तरीके से करना बहुत हद तक निर्भर करता है बच्चे के उम्र और उसके आत्मसयम पे। 

अपने बच्चे को स्मार्ट फ़ोन देने से पहले ये सवाल अपने आप से पूछें:

  • आप के बच्चे को स्मार्ट फ़ोन की आवश्यकता क्योँ है? 
  • क्या आप का बच्चा इतना बड़ा हो गया है की वो स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल समझदारी और जिम्मेदारी से कर सके?
  • क्या वो इतना समझदार है की वो खुद ही इस बात का निर्णय ले सके की इंटरनेट पे क्या सामग्री देखे और अपने सोशल प्रोफाइल पे क्या शेयर करे और क्या नहीं?

स्मार्ट फ़ोन के इस्तेमाल से बच्चे cyber-bullying के भी शिकार हो सकते हैं और जाने अनजाने समय से पहले ही online pornographic के भी संपर्क में आ सकते हैं। ये दोनों ही घटनाएं बच्चों के कोमल मन को प्रभावित कर सकते हैं। इससे उनका मन पढ़ाई से हट सकता है और उनका career जो इस वक्त उनके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, उससे उनका मन विमुख हो सकता है। बच्चों की पढ़ाई उनका सबसे बड़ी प्राथिमिकता होना चाहिए। 

Kids Obsession With Their Smartphone

लेकिन अगर आप अपने बच्चे को स्मार्ट फोन के सही इस्तेमाल के बारे में बता सके और सीखा सके तो इससे बढ़िया कोई बात ही नहीं हो सकती है। अगर बच्चे मोबाइल फ़ोन को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना सिख सके तो इससे आप दोनों के जीवन मैं बहुत कुछ सरल हो सकता है। बच्चे हर वक्त आप की पहुँच में हो सकते हैं, सुरक्षित रह सकते हैं और स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल अपने पढ़ाई में भी कर सकते हैं

बच्चों को स्मार्ट फ़ोन देने से पहले उन्हें स्मार्ट फ़ोन को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना सिखाएं। स्मार्ट फ़ोन से सम्बंधित कुछ नियम बनाये जैसे की स्मार्ट फोन का इस्तेमाल किस लिए आप का बच्चा करेगा और स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल किन चीज़ों के लिए नहीं करेगा।