
सभी लोगो में सामान्य योग्यता नहीं होती है लेकिन सभी लोगो को अपनी योग्यता विकसित करने की लिए समान अवसर मिलता है।
प्रत्येक बच्चा अपने अंदर एक ऊर्जा को समेटे हुए है ,बस देर है उस ऊर्जा को एक नया आयाम देने का। कोई भी बच्चा पढने में कमजोर नहीं होता है ,बस उसका मन भटक जाता है।
उसका मन पढ़ाई में कैसे लगाए यह उसके माता - पिता और टीचर्स को सोचना होगा। एक माता - पिता होने के नाते आपको अपने बच्चे के पढ़ाई पर ध्यान देना होगा और अपने बच्चे की मदद करनी होगी।
अगर आपका बच्चा पढ़ने में कमजोर हैं तो आपको उसकी पढाई पर अतयधिक ध्यान देना होगा नहीं तो वह और भी कमजोर होता जायेगा और पढाई में मन नहीं लगाएगा।
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ऐसे बच्चे को पढाई में मन लगाने के लिए आप इस प्रकार से ध्यान दे सकती हैं -
- अपने बच्चे की समस्या को समझते हुए उसे मानसिक रूप से सहयोग करे।
- उसको अपने विश्वास में ले जिससे उसको मससूस हो की आप उसकी हर प्रकार से मदद करने को तैयार हैं।
- उसके अंदर आत्मविश्वास पैदा करे।
- उसको डाटने के बजाए प्यार से समझाए।
- उसकी जगह पर खुद को रख कर उसकी समस्या को समझे।
- उसके अंदर एकाग्रता लाने की कोशिश करे।
- जिस विषय में आपका बच्चा कमजोर हैं उसपर अधिक ध्यान दें। स्कूल में यदि न समझ पाता हो तो आप स्वयं उसकी समस्या को सुलझाए या फिर किसी विशेषज्ञ की सलाह ले। आप अपने बच्चे के लिए tuition का भी प्रबंध कर सकते हैं।
- यदि उसे पाठ याद न होता हो तो उसे याद करने का तरीका बताये और सक ही चीज़ को बार -बार पढ़ने के लिए प्रेरित करे।
- उसे लिख कर याद करने की आदत डालें।
- उसके पाठ को रुचिकर बनाकर उसे समझाए।
- अपने बच्चे के पढ़ने के लिए उचित तथा निश्चित स्थान बनाए।
- जबतक उसका मन पढ़ाई में लगे उसको पढ़ने दें , किसी कार्य के लिए उसे न उठाए।
- घर में किसी के आने - जाने पर उसे डिस्टर्ब ना करे।
- उसके खान - पान पर ध्यान दें।
- पोस्टिक तथा बुद्धिवर्धक चीज़े दें जैसे - रोज़ कम से कम दस बादाम रात में पानी में भिगोकर खाने को दें।
- दूध अवश्य दें।
- मछली खाने से भी बुद्धि का विकास तेजी से होता हैं । अतः अपने बच्चे को हफते में दो बार मछली अवश्य खिलाये। इसके अतिरिक्त हरी सब्ज़ी , फल , दूध से बनी हुई प्रोटीन तथा आयरन कैल्शियम से युक्त चीज़े उसे अवश्य खिलाए।
- सूखे मेवे जैसे बादाम , अखरोठ और किशमिश बच्चे के बुद्धि के विकास के लिए आवश्यक हैं। अतः ये चीज़े अपने बच्चे को अवश्य खिलाए।
- बच्चे को उसकी उम्र के हिसाब से पढाई के बीच में ब्रेक अवश्य दें और उसी बीच में कुछ अच्छा खाने को दें जिसकी वजह से उसकी रूचि पढाई में बनी रहेगी और वह टाइम के अनुसार अपना पाठ याद कर लेगा।
- अपने बच्चे को पढाई में मन लगाने के लिए सर्वप्रथम उसका एक टाइम - टेबल बनाए और उसी के अनुसर उसको मेज़ - कुर्सी पर बैठकर पढ़ने के लिए प्रेरित करें ,कुर्सी पर बैठने से उसकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहेगी जिससे उसको पढ़ी हुई चीज़ जल्दी याद होगी और वह पढाई में कमजोर नहीं रहेगा।
इन सब बातो का ध्यान रखते हुए आप अपने बच्चे के बुद्धिस्तर को बढ़ा सकते हैं और बच्चे में आत्मविश्वास पैदा कर सकते हैं। जैसे ही उसके अंदर आत्मविश्वास आएगा उसकी खुद की पढ़ने की भावना बलवती होगी और आपका बच्चा पढ़ाई में मन लगाने लगेगा ,वह कमज़ोर से तेज़ दिमागवाला बन जाएगा। परीक्षा में अच्छे अंक लाएगा और एक साधारण विद्यार्थी से खास विद्यार्थी बन जाएगा।