Category: शिशु रोग

क्या शिशु में एलर्जी के कारण अस्थमा हो सकता है?

By: Salan Khalkho | 2 min read

एलर्जी से कई बार शिशु में अस्थमा का कारण भी बनती है। क्या आप के शिशु को हर २० से २५ दिनों पे सर्दी जुखाम हो जाता है? हो सकता है की यह एलर्जी की वजह से हो। जानिए की किस तरह से आप अपने शिशु को अस्थमा और एलर्जी से बचा सकते हैं।

शिशु में एलर्जी के कारण अस्थमा

एलर्जी कुछ बच्चों में अस्थमा पैदा कर सकती है। 

लेकिन जरुरी नहीं की एलर्जी वाले हर शिशु को अस्थमा भी हो, और यही कारण है की सभी एलर्जी के करक अस्थमा नहीं होता है।

तो यह बात साफ है - है ना?

एलर्जी और अस्थमा थोड़ी सी भ्रामक हो सकता है, तो चलो अधिक जानकारी प्राप्त करें।

अस्थमा फ्लेयर-अप के दौरान क्या होता है?

एलर्जी कैसे होती है?

ज्यादातर समय, आपके के शिशु की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ रहने में आपकी शिशु की सहायता करने के लिए रोगाणु से लड़ती है

लेकिन एलर्जी वाले बच्चों में, प्रतिरक्षा प्रणाली उन चीज़ों को जिनसे एलर्जी होता है - जैसे कि पराग - को यह मानती है की  वे शरीर पर हमला कर रहे हैं, ठीक उसी तरह से जैसे कि एक बीमारी  (रोगाणु)। जब प्रतिरक्षा प्रणाली एलर्जी पैदा करने वाले करक जैसे की पराग कण के प्रति प्रतिक्रिया करती है, तो एक बच्चे में एलर्जी के लक्षण दीखते हैं, जैसे नाक का लाल हो जाना, आंखें में खुजली होना - अदि। 

कुछ बच्चों में अस्थमा के इस प्रकार के लक्षण मिलते हैं, जैसे कि छाती में खांसी, घरघराहट या तंग महसूस होती है।

यही वजह है की कुछ मौसम मैं बच्चे को सर्दी, खांसी और जुखाम हो जाता है। 

एलर्जी क्या आपके शिशु में अस्थमा का कारण है?

यदि आप के शिशु को दमा है, तो आप को यह जाना चाहिए की इसके क्या कारण हो सकते है यह पता लगाने के लिए कि वे क्या एलर्जी कर रहे हैं, कभी-कभी बच्चों को एक विशेष चिकित्सक के पास जाना जाता है जिसे allergist कहा जाता है 

Allergist विशेषज्ञ से आपको पता चलेगा कि आप के शिशु को किन चीजों से एलर्जी हो सकते हैं।

अपने शिशु को एलर्जी से बचाने का सबसे बेहतरीन तरीका है की आप उसे हर उस वास्तु से दूर रखें जिससे की उसे एलर्जी होने की सम्भावना हो। 

अगर आप के शिशु को एलर्जी बहुत ज्यादा परेशान करती है तो डॉक्टर आप के शिशु को कुछ दवा भी दे सकते हैं जो एलर्जी में आप के शिशु को आराम पहुंचाएंगे। 

Terms & Conditions: बच्चों के स्वस्थ, परवरिश और पढाई से सम्बंधित लेख लिखें| लेख न्यूनतम 1700 words की होनी चाहिए| विशेषज्ञों दुवारा चुने गए लेख को लेखक के नाम और फोटो के साथ प्रकाशित किया जायेगा| साथ ही हर चयनित लेखकों को KidHealthCenter.com की तरफ से सर्टिफिकेट दिया जायेगा| यह भारत की सबसे ज़्यादा पढ़ी जाने वाली ब्लॉग है - जिस पर हर महीने 7 लाख पाठक अपनी समस्याओं का समाधान पाते हैं| आप भी इसके लिए लिख सकती हैं और अपने अनुभव को पाठकों तक पहुंचा सकती हैं|

Send Your article at contest@kidhealthcenter.com



ध्यान रखने योग्य बाते
- आपका लेख पूर्ण रूप से नया एवं आपका होना चाहिए| यह लेख किसी दूसरे स्रोत से चुराया नही होना चाहिए|
- लेख में कम से कम वर्तनी (Spellings) एवं व्याकरण (Grammar) संबंधी त्रुटियाँ होनी चाहिए|
- संबंधित चित्र (Images) भेजने कि कोशिश करें
- मगर यह जरुरी नहीं है| |
- लेख में आवश्यक बदलाव करने के सभी अधिकार KidHealthCenter के पास सुरक्षित है.
- लेख के साथ अपना पूरा नाम, पता, वेबसाईट, ब्लॉग, सोशल मीडिया प्रोफाईल का पता भी अवश्य भेजे.
- लेख के प्रकाशन के एवज में KidHealthCenter लेखक के नाम और प्रोफाइल को लेख के अंत में प्रकाशित करेगा| किसी भी लेखक को किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नही किया जाएगा|
- हम आपका लेख प्राप्त करने के बाद कम से कम एक सप्ताह मे भीतर उसे प्रकाशित करने की कोशिश करेंगे| एक बार प्रकाशित होने के बाद आप उस लेख को कहीं और प्रकाशित नही कर सकेंगे. और ना ही अप्रकाशित करवा सकेंगे| लेख पर संपूर्ण अधिकार KidHealthCenter का होगा|


Important Note: यहाँ दी गयी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । यहाँ सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि यहाँ दिए गए किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। अगर यहाँ दिए गए किसी उपाय के इस्तेमाल से आपको कोई स्वास्थ्य हानि या किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो kidhealthcenter.com की कोई भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं बनती है।

Most Read

Other Articles

indexed_240.txt
Footer