
रात में सोते समय बच्चों का दांत पीसना जिसे ब्रुक्सिज्म भी कहा जाता है एक आम बात है। आंकड़ों की देखें तो 5 साल तक के बच्चों में 50% से अधिक बच्चे रात में सोते समय अपने दांतो को पीसते हैं।
जब बच्चे रात को सोते समय अपने दांत पीसते हैं तो उस वक्त वह भयभीत वाली स्थिति से गुजर रहे होते हैं। इसका कारण यह हो सकता है वह कोई भयभीत कर देने वाला सपना देख रहे हो।
इस लेख में आप जानेंगे कि किस तरह से आप अपने शिशु की इस स्थिति से निपट सकते हैं।
इस लेख में:
- ~~~#1^^^बच्चों का नींद में दांत पीसना@@@
- ~~~#2^^^बच्चों का नींद में दांत पीसना हानिकारक है@@@
- ~~~#3^^^रात में सोते समय दांत पीसने के नुकसान@@@
- ~~~#4^^^शोध में चौकानेवाले तथ्य@@@
- ~~~#5^^^दांत पीसने से संबंधित शोध@@@
- ~~~#6^^^अगर आपका बच्चा रात में सोते समय दांत पीसता है@@@
- ~~~#7^^^दांत पीसने से संबंधित व्याप्त अंधविश्वास@@@
- ~~~#8^^^रात में सोते समय शिशु का दांत पीसने की मुख्य वजह@@@
- ~~~#9^^^बच्चों का दांत पीसने का कारण@@@
- ~~~#10^^^शिशु में बुक्सिज्म का इलाज@@@
- ~~~#11^^^बुक्सिज्म मैं दांतो को पहुंचने वाले नुकसान से बचाव@@@
- ~~~#12^^^आपको क्या करना चाहिए@@@
anchorlink[1]anchorcloseबच्चों का नींद में दांत पीसना
बच्चों का नींद में दांत पीसना एक आम समस्या है। कुछ विशेषज्ञ यह मानते हैं कि यह ज्यादा मीठा खाने के कारण होता है।

लेकिन पिछले कुछ दिनों हुए शोध में यह बात पता चला है कि नींद में दांत पीसने के पीछे मीठा खाने का कोई संबंध नहीं है।
शोध के दौरान जो बच्चे नींद में दांत पीसते थे जब उन्हें आहार में मीठा देना बंद कर दिया गया तो भी उनका नींद में दांत पीसना बंद नहीं हुआ।
- पढ़ें: बच्चों को गर्मी से बचाने के उपाय
- पढ़ें: बच्चों में वजन बढ़ाने के आहार
- पढ़ें: 6 आसान तरीके बच्चों की लम्बाई बढ़ाने के
- पढ़ें: शिशु के अंगूठा चूसने की आदत को कैसे छुडवायें
anchorlink[2]anchorcloseबच्चों का नींद में दांत पीसना हानिकारक है
नींद में दांत पीसने की समस्या आहार या पाचन से संबंधित नहीं है। मुख्य तौर पर यह किस वजह से होता है इसके बारे में अभी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

लेकिन इस विषय पर हुए शोध यह निष्कर्ष निकला है कि लगातार दांत पीसना बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है।
इस समस्या से संबंधित हुए शोध में यह पता चला है कि जो बच्चे इस से पीड़ित होते हैं उनके दांतो की चबाने वाली सतह से स्वस्थ एनिमल निकल जाता है।
इस वजह से उनके दांत कमजोर हो जाते हैं तथा दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ जाती है। इसके साथ-साथ कुछ बच्चों में फेशियल पेन की समस्या भी पैदा हो सकती है।
- पढ़ें: अंगूठा चूसने वाले बच्चे ज्यादा सेहतमंद होते हैं
- पढ़ें: बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने के आसान तरीके
- पढ़ें: बच्चों के पेट दर्द का घरेलू इलाज

anchorlink[3]anchorcloseरात में सोते समय दांत पीसने के नुकसान
रात में सोते समय दांत पीसने की समस्या से केवल बच्चे की नहीं वरन बड़े भी ग्रसित हो सकते हैं। जो लोग रात में सोते समय दांत पीसते हैं उन्हें सिर दर्द, दांत गिरना और मुंह में कई तरह के दर्द की समस्या का भी सामना करना पड़ता है।
- पढ़ें: सांवले बच्चे को कैसे बनाएं गोरा
- पढ़ें: बच्चों की त्वचा को गोरा करने का घरेलू तरीका
- पढ़ें: 6 से 12 वर्ष के शिशु को क्या खिलाएं - Indian Baby food diet chart
anchorlink[4]anchorcloseशोध में चौकानेवाले तथ्य
जो बच्चे रात को सोते समय अपने दांत पीसते हैं उन पर हुए शोध में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ऐसे अधिकांश बच्चों को स्कूल में या तो धमकाया जा रहा था यह उन्हें ज्यादा डांट पड़ती थी।

ऐसे में मनोवैज्ञानिक तौर पर बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था। रात में सोते वक्त बच्चों को इससे संबंधित सपने आते थे जो डरावनी होते थे।
इसीलिए विशेषज्ञ इस बात की राय देते हैं कि अगर आपका बच्चा रात को सोते वक्त अपने दांतो को पीसता है तो आप अपने बर्ताव पर ध्यान दें कि कहीं आप अपने बच्चों को ज्यादा डांट तो नहीं रहे हैं। या कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके बच्चे को स्कूल में दूसरे बच्चे परेशान करते हैं या उसकी टीचर उसे खूब डांट रही है।
- पढ़ें: 10 आसान तरीके बच्चों को अच्छे संस्कार देने के
- पढ़ें: बच्चों को सिखाएं प्रेम और सहनशीलता का पाठ
- पढ़ें: स्मार्ट एक्टिविटीज वाली वेब-साइट्स जो रखें बच्चों को गर्मियों में व्यस्त
ऐसी स्थिति में जरूरी यह है कि आप या तो अपने स्कूल की टीचर से इस विषय में बात करें, या अपने बच्चे का दाखिला किसी दूसरे स्कूल में करा दें जहां पर उसे अनुकूल माहौल मिल सके।
इससे उसके नींद में दांत पीसने की समस्या से छुटकारा मिल सकता है साथ ही बदले माहौल में आपके बच्चे का मनोबल भी बढ़ेगा जो उसके आत्मविश्वास के लिए बहुत जरूरी है।
anchorlink[5]anchorcloseदांत पीसने से संबंधित शोध
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी में हुए शोध में यह बात सामने आई है कि जिन बच्चों को स्कूल पर या घर पर धमकाया जाता है उनमें रात को सोते समय दांत पीसने की संभावना ज्यादा होती है।

शोध के आंकड़े इस बात को बताते हैं कि जिन बच्चों को मौखिक रूप से प्रताड़ित किया गया उन बच्चों में रात को सोते वक्त दांत पीसने की संभावना दूसरे बच्चों की तुलना में 4 गुना ज्यादा यानी 65% ज्यादा होती है।
लेकिन जो बच्चे इस प्रकार के मानसिक दबाव से नहीं गुजर रहे होते हैं उन बच्चों में केवल 17 प्रतिशत बच्चों में दांत पीसने की संभावना रहती है।
पढ़ें: दुबले बच्चे का कैसे बढ़ाए वजन
anchorlink[6]anchorcloseअगर आपका बच्चा रात में सोते समय दांत पीसता है
शोध में यह बात प्रमाणित हो चुका है कि रात में बच्चों का दांत पीसने की समस्या ( जिसे ब्रुक्सिस्म कहते हैं) तनाव की वजह से होता है।

अगर शिशु रात में सोते वक्त अपने दांतो को पीसता है तो इसका मतलब दिन में वह गुस्सा, दर्द और पीड़ा की अवस्था से गुजर रहा है। यह किसी भी कारण से हो सकता है।
इस समस्या का हल पाने के लिए सबसे पहले आपको इसके कारणों को खोजने की आवश्यकता है। अगर आप अपने बच्चे पर बात बात पर गुस्सा करती हैं तो सबसे पहले आपको अपने बच्चे पर गुस्सा करना बंद करना पड़ेगा।
अपने बच्चे को अच्छी बातें सिखाने के लिए उसके अंदर अच्छे संस्कारों को विकसित करने के लिए आपको दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। हो सकता है इसके लिए आपको बहुत धैर्य की आवश्यकता पड़ी।
जब बच्चे को यह एहसास होगा कि वह घर में सुरक्षित है, और घर में सभी उससे प्यार करते हैं तो उसके रात में दांत पीसने की समस्या भी अपने आप खत्म हो जाएगी।
- पढ़ें: कहीं आपका शिशु भी बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित तो नहीं
- पढ़ें: बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) के शिकार बच्चे - लक्षण और इलाज
- पढ़ें: बच्चों में माईग्रेन के लक्षण और घरेलु उपचार
anchorlink[7]anchorcloseदांत पीसने से संबंधित व्याप्त अंधविश्वास
हमारे भारत देश में हजारों साल से यह मान्यता है कि जो बच्चे रात को सोते समय अपने दांत पीसते हैं, हो सकता है उनके पेट में कीड़े हो।

ताजुब तो इस बात का है कि कुछ डॉक्टर भी यह मानते हैं कि बच्चों का रात में सोते समय दांत पीसने की समस्या की वजह पेट के कीड़े हैं।
लेकिन बच्चों पर हुए अनेक शोध में यह प्रमाणित हो चुका है कि यह केवल एक अंधविश्वास मात्र है। बच्चों का रात में सोते समय दांत पीसने का उनके पेट के कीड़े से कोई संबंध नहीं है।
पढ़ें: सिजेरियन डिलीवरी के बाद माँ को क्या खाना चाहिए (Diet After Pregnancy)

anchorlink[8]anchorcloseरात में सोते समय शिशु का दांत पीसने की मुख्य वजह
डर, क्रोध, शरारत या यौन शोषण इसका कारण हो सकते हैं।
- पढ़ें: 7 तरीके बच्चों को यौन शोषण से बचाने के
- पढ़ें: POSCO - बच्चों पे होने वाले यौन शोषण तथा लैंगिक अपराध कानून
- पढ़ें: Sex Education - बच्चों को किस उम्र में क्या पता होना चाहिए!

anchorlink[9]anchorcloseबच्चों का दांत पीसने का कारण
- अगर दिन में शिशु तनाव की स्थिति से गुजरा है तो संभावना है कि रात में सोते समय वह अपने दांतो को पिसे
- जिन बच्चों को अपने आंखों पर जोर देने की आवश्यकता पड़ती है उनमें भी पाया गया है कि मैं रात को सोते समय अपने दांतो को पीसते हैं
- शोध में साइनस इन्फेक्शन भी एक वजह पाई गई है
- जो बच्चे स्कूल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं या अपनी सोशल सर्कल में अपने को दूसरे बच्चों के साथ तालमेल बैठाने में असमर्थ पाते हैं, उनमें भी यह समस्या पाई गई है
- कैफीन के अधिक सेवन की वजह से भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है
- कई बार मौसम में परिवर्तन की वजह से भी शिशु को इस स्थिति का सामना करना पड़ सकता है
- बड़े बच्चों में हारमोनल बदलाव की वजह से भी यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है

anchorlink[10]anchorcloseशिशु में बुक्सिज्म का इलाज
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बुक्सिज्म कि समस्या अपने आप समाप्त हो जाएगी। लेकिन फिर भी मां बाप को अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करना चाहिए कि उनका बच्चा रात को सोते समय दांत ना पिसे क्योंकि इससे दांत ख़राब होते हैं।
अगर आपका बच्चा रात को सोते समय अपने दांतो को पिसता है तो यह आवश्यक है कि आप इसके कारणों का पता लगाएं। ताकि अगर आपका शिशु स्कूल पर या घर पर बुरी स्थिति से गुजर रहा है तो आप इसका बचाव कर सकें।

anchorlink[11]anchorcloseबुक्सिज्म मैं दांतो को पहुंचने वाले नुकसान से बचाव
अगर आपका शिशु रात में सोते वक्त अपने दांतो को पीसता है तो आप किसी दांत विशेषज्ञ की राय ले सकते हैं। मुख्य तौर पर एक दंत विशेषज्ञ आपके बच्चे के लिए मुँह गार्ड इस्तेमाल करने का राय दे सकता है।
रात में सोते वक्त मुँह गार्ड पहन कर सोने से आपके शिशु के दांत को घिसने से बचाया जा सकता है ताकि आपके बच्चों के दांतों के इनेमल सुरक्षित रहे। इसके अलावा इस समस्या से बचने के लिए कोई कारगर दवा उपलब्ध नहीं है।
anchorlink[12]anchorcloseआपको क्या करना चाहिए
अगर आपका शिशु रात में सोते वक्त अपने दांतो को पिसता है तो इसका मतलब साफ है कि आपका बच्चा किसी न किसी प्रकार के तनाव की स्थिति से गुजर रहा है।

आप को अपनी तरफ से प्रयास करने की जरूरत है कि आप अपने बच्चे के तनाव की वजह का पता लगाएं। इसके साथ ही आप अपने शिशु को रात में सोते समय सोने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर सकती हैं ताकि आपका शिशु आनंददायक और गहरी नींद सो सके।
आरामदायक नींद के लिए आप अपने शिशु को रात में सोने से पहले गर्म पानी का स्नान दे सकती हैं और जोड़ों की मालिश भी कर सकती हैं।
इससे रात में आपके शिशु को एक बेहतर नींद मिलेगी और वह सुकून भरी नींद सो सकेगा। इस तरह से आप के प्रयास से आपका शिशु आपके प्यार को महसूस कर सकता है और मानसिक दबाव से बाहर आ सकता है जो कि इस समस्या के समाधान के लिए बहुत जरूरी है।