
ठण्ड के मौसम में सबसे ज्यादा बच्चे बंद नाक की समस्या से परेशान रहते हैं। सर्दी और जुकाम में बच्चों के बंद नाक को खोलने का सबसे बेहतर तरीका है की बच्चों को भाप दिया जाये।
ठण्ड के मौसम में बच्चों मैं सर्दी और जुकाम होना आम बात है। ऐसे मैं बच्चे को भाप देना एक प्रभावी घरेलु उपाय है और बार बार दवा और एंटीबायोटिक देने से कहीं बेहतर विकल्प है।
शिशु के जन्म से लेकर अगले दो सालों तक उसे करीब दस बार सर्दी, जुखाम और बंद नाक का सामना करना पड़ेगा।
मौसम के हलके से भी उतर चढ़ाव से बच्चे को बुखार, सर्दी, जुकाम और बंद नाक का होना एक आम बात होगा।
ऐसा इसलिए क्योँकि बच्चे का शरीर बड़ों की तरह इतना विकसित नहीं है की मौसम के बदलाव के अनुसार अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित कर सके।
हर बीतते वर्ष के साथ आप के शिशु का शरीर अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में दक्ष होता जायेगा।
यह एक तथ्य है की सर्दी और जुखाम के वायरस को दवा से ठीक नहीं किया जा सकता है। सर्दी और जुखाम पांच से सात दिनों में स्वतः ही समाप्त हो जाता है। या यूँ कहें की शिशु का शरीर उनके वायरस से लड़ना सिख लेता है।
तो फिर सर्दी और जुखाम की दवा बच्चों को क्योँ दी जाती है?
दवा बच्चों में सर्दी और जुखाम के परेशान कर देने वाले लक्षणों को कुछ समय के लिए दबा देते हैं। इससे ऐसा लगता है की बच्चे की सर्दी और जुखाम कम हो गयी है।
सर्दी और जुखाम की दवा बच्चे की परशानी को कम कर देते हैं, जिसकी वजह से बच्चा रात को अच्छी नींद सो पता है। सर्दी और जुखाम की दवा एक और काम करता है।
यह बच्चे के साइन की जकड़न को भी समाप्त करता है, कफ जिसे बलगम कहते हैं (mucus) इसे तोड़ता है ताकि यह आसानी से नाक के रास्ते बाहर आ सके और बच्चा आराम से साँस ले सके।

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बच्चों को भाप देना सर्दी और जुखाम में किस तरह मदद करता है
छाती में जमे बलगम (कफ - mucus) को जरुरी नहीं की दवा के दुवारा ही ठीक किया जाये। बच्चों को पानी का भाप के द्वारा भी उनके छाती में जमे कफ (बलगम) को तोडा जा सकता है, उनके बंद नाक को खोला जा सकता है।
सच तो यह है की पानी के भाप के दुवारा बच्चों के जुखाम को ठीक करना कहीं बेहतर विकल है। इसका कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं है और यह बच्चों के लिए हर मायने में सुरक्षित है।

पानी का भाप किस तरह से बच्चों के बंद नाक को खोलता है और जुकाम को दूर करता है?
सांस के जरिये भाप अंदर लेने से शिशु की बंद नाक खुलने में मदद मिलती है। गर्मा-गर्म भाप सांस के जरिये अंदर लेने से शिशु की नाक में जमा बलगम ढीला हो जाता है। इससे बलगम (कफ - mucus) के दुवारा अवरुद्ध वायुमार्ग खुल जाता है और शिशु बिना किसी तकलीफ के साँस ले पाता है। भाप के दुवारा सर्दी, साइनसाइटिस और छाती में जमा बलगम को दूर करने का तरीका हर तरह से प्राकृतिक है। यह शिशु को ना केवल चैन से सोने में मदद करता है बल्कि कुछ शिशु रोग विशेषज्ञों का यह भी कहना है की पानी का भाप दिलाने से शिशु का सर्दी और जुखाम जल्दी ठीक हो जाता है और शिशु पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है।
अगर आप के बच्चे को पानी का भाप लेना पसंद न आये तो क्या करें?
जरुरी नहीं की हर बच्चे को पानी का भाप लेना पसंद आये। कुछ बच्चे इतना परेशान करते हैं और रोते हैं की उन्हें पानी का भाप दिलाना ना-मुमकिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में आप अपने बच्चे को दो तरीके से भाप दिला सकती हैं।
पहला - कमरे में वाष्पित्र (ह्यूमिडफायर - humidifier) का इस्तेमाल करें
ठण्ड के दिनों में आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं की कमरे की वायु कितनी शुष्क हो जाती है। अगर आप कमरे में हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल कर रहे हैं तब तो समझिये की कमरे की नमी पूरी तरह से समाप्त हो गयी है। ऐसी स्थति में वाष्पित्र (ह्यूमिडफायर - humidifier) के इस्तेमाल से कमरे में नमी का स्तर बनाये रखा जा सकता है।
खैर - ठण्ड के दिनों में कमरे में नमी की स्तर बना हो या ना - दोनों ही स्थिति में अगर बच्चे को जुखाम हो गया है और आप का बच्चा बंद नाक से परेशान है तो वाष्पित्र (ह्यूमिडफायर - humidifier) के इस्तेमाल से बच्चे को बहुत आराम मिल सकता है। कमरे की वायु बहुत ज्यादा शुष्क होने से शिशु की नाक सूख जाती है - इसके आलावा सूखे हुए बलगम के कारण नाक से खून भी आ सकता है।
ह्यूमिडफायर - humidifier के इस्तेमाल से कमरे में नमी का स्तर बना रहता है। इससे शिशु की नाक सूखती नहीं है। शिशु की नाक और छाती में जमा बलगम ढीला पड़ जाता है और अवरुद्ध वायुमार्ग खुल जाता है।
ह्यूमिडफायर - humidifier को आप ऑनलाइन या फिर इलैक्ट्रोनिक सामान की दुकान से भी खरीद सकती हैं।

दूसरा - बंद स्नानघर में गर्म पानी चलाकर भाप बनाएं
यह भी एक बहुत ही बेहतर तरीका है शिशु को भाप दिलाने का। स्नानघर (bathroom) में गर्म पानी चलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें ताकि स्नानघर (bathroom) भाप से भर जाये। भाप बन जाने के बाद अपने बच्चे को पंद्रह से बीस मिनट के लिए गोद में ले कर स्नानघर (bathroom) में चले जाएँ। स्नानघर (bathroom) के अंदर शिशु के ध्यान को बनाये रखने के लिए आप उसे कोई कहानी, बालगीत या लोरी सुना सकती हैं।
भाप दिलाते वक्त सावधानी
बहुत छोटे बच्चों को गर्म पानी के कटोरे या फिर चेहरे पर भाप लेने वाले उपकरण से भाप न दिलाएं। इससे शिशु के जलने का खतरा रहता है। अगर आप कमरे में वाष्पित्र (ह्यूमिडफायर - humidifier) का इस्तेमाल कर रही हैं तो ध्यान रहे की बच्चे इसके नजदीक ना जाएँ।