
अंगूर में flavonoids होते हैं जो हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छा हैं। अंगूर "खराब" कोलेस्ट्रॉल को शारीर में कम करता हैं। अंगूर मैं प्रचुर मात्र मैं antioxidant होता हैं। लाल या गहरा चमड़ी वाली अंगूर में सबसे अधिक एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। अंगूर बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास में बहुत यौग्दन देता है।
अंगूरों में एंटीबायोटिक की विशेषता भी होती है जो बच्चों के प्रतिरोधक छमता को बढाता और विकसित करता है।
viralblock
सामग्री (Ingredients)
- 1 कप अंगूर
अंगूर की प्यूरी बनाने की विधि - दिशा निर्देश
एक कप अंगूर को ब्लेंडर या मिक्सी में डाल के आप अपनी जरुरत के अनुसार दर-दरा या बहुत बारीक़ पीस सकती हैं। बच्चा बहुत छोटा है तो बहुत बारीक़ कर दीजिये और अगर बच्चा बड़ा है तो दर-दरा रहने दीजिये।
केवल अंगूर का प्यूरी बना के आप बच्चे को दे सकती हैं या चाहे तो अंगूर के साथ आप दुसरे फल भी मिला के प्यूरी बना सकती हैं। आप अगर चाहें तो बच्चे को अंगूर को छील के भी दे सकती हैं। सही तरीके से किया जाये तो अंगूर को छीलना बेहद आसन काम है। पील अंगूर और मिश्रण या प्यूरी के रूप में आवश्यक तो सेवा या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ मिश्रण। आप अंगूर के छील को छोड़ सकते हैं यदि आप पासा या प्यूरी कर सकते हैं ताकि कोई घुट-संकट नहीं है

सभी माता-पिता को अंगूर से सम्बंधित बहुत सी बातों को ले कर चिंता रहती है। जैसे की वे अपने बच्चे को किस उम्र से अंगूर देना प्रारंभ कर सकते हैं। या अंगूर से कोई एलर्जी का जोखिम तो नहीं हैं।
बच्चे जब ६ महीने के होते हैं तभी से उन्हें अंगूर दिया जा सकता है। बच्चों को अंगूर से एलर्जी का खतरा तो नहीं है मगर अंगूर बच्चों के गले में अटक सकता है। इसलिए बच्चों को अंगूर से घुटन का खतरा बना रहता है। अंगूर गोल होता है और इसी लिए बच्चे इसे चबाने की बजाये निगलने की कोशिश करते हैं और इस कोशिश में अंगूर शिशु के गले में फँस सकता है।
बच्चिन को अंगूर को छील' के मैश कर के देना सबस अच्छा तरीका है बच्चों अंगूर खिलने का। आप अंगूर की पुरी भी बना के बच्चे को दे सकते हैं। इससे बच्चों के गले में अंगूर फसने का कोई खतरा नहीं रहता है।

कई अन्य फलों की तरह अंगूर बहुत पतली त्वचा के कारण बहुत नाजुक होते हैं। आपको उन्हें खरीदने के कुछ दिनों के भीतर ही उपयोग कर लेना चाहिए। आप जितना लंबे समय तक अंगूर को संग्रहीत (store) करेंगे , वो उतना नरम होता जायेगा। अपने बच्चे को खिलाने के लिए अंगूर का चयन करते समय, हमेशा बीज रहित अंगूर को चुनें। अंगूर ऐसा खरीदें जो मुलायम न हो, जिसपे दाग या स्पॉट न हो। मुलायम और दाग वाले अंगूर खराब होने के कगार पे हैं और उनके पास ज्यादा शेल्फ जीवन नहीं बचा है।
यह भी पढ़ें:
- 3 साल तक के बच्चे का baby food chart
- 2 साल के बच्चे का शाकाहारी आहार सारणी
- 2 साल के बच्चे का मांसाहारी food chart
- 12 माह के बच्चे का baby food chart
- 11 माह के बच्चे का baby food chart
- 10 माह के बच्चे का baby food chart
- 9 माह के बच्चे का baby food chart
- 8 माह के बच्चे का baby food chart
- 7 माह के बच्चे का baby food chart
- 6 माह के बच्चे का baby food chart