बच्चों में सर्दी, खांसी तथा जुखाम का इलाज

खांसी और जुकाम आमतौर पर सर्दी के वायरस के संक्रमण के कारण होता है। ये आम तौर पर अपने आप दूर हो जाते हैं, और एंटीबायोटिक दवाएं आमतौर पर किसी काम की नहीं होती हैं। पेरासिटामोल या इबुप्रोफेन कुछ लक्षणों को कम कर सकते हैं। ध्यान रखें की आप के बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पीने मिल रहा है।

Table of contents

  • ~~~#1^^^बच्चों में सामान्य सर्दी क्या है?@@@
  • ~~~#2^^^सर्दी  से सम्बंधित कुछ तथ्य:@@@
  • ~~~#3^^^बच्चे में सामान्य सर्दी के कारण @@@
  • ~~~#4^^^कोल्ड वायरस इस तरह संक्रमण फैलता है@@@
  • ~~~#5^^^सामान्य सर्दी से किन बच्चों को ज्यादा  खतरा है?@@@
  • ~~~#6^^^सर्दी के कुछ कारण ये है:@@@
  • ~~~#7^^^एक बच्चे में सामान्य सर्दी के लक्षण क्या हैं?@@@
  • ~~~#8^^^शिशुओं में, ठंड के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:@@@
  • ~~~#9^^^बड़े बच्चों में ये लक्षण हो सकता है:@@@
  • ~~~#10^^^बच्चे में सामान्य सर्दी का निदान कैसे करें?@@@
  • ~~~#11^^^बच्चे में सामान्य सर्दी का इलाज कैसे करें?@@@

anchorlink[1]anchorcloseबच्चों में सामान्य सर्दी क्या है?

बच्चों में सर्दी होना सबसे आम बीमारियों में से एक है। हर साल यह किसी भी अन्य बीमारी की तुलना में बच्चों को अधिक परेशां करता है। भारत में हर साल लाखों लोगों को सर्दी होती है।

anchorlink[2]anchorcloseसर्दी  से सम्बंधित कुछ तथ्य:

ज़्यादातर बच्चों को साल में कम से कम 6 से 8 बार सर्दी-जुकाम होता है। जो बच्चे डेकेयर तथा स्कूल जाते हैं उन्हें सर्दी होने की सम्भावना अधिक रहती है।

6 साल की उम्र के बाद सर्दी, खांसी और जुखाम, बच्चों को कम होती है।

बच्चों को पतझड़ और ठण्ड मौसम  के दौरान जखन, खांसी और सर्दी होने की संभावना अधिक रहती है।

anchorlink[3]anchorcloseबच्चे में सामान्य सर्दी के कारण 

जुकाम तब होता है जब बच्चा सर्दी के वायरस के संपर्क में आता है और उसकी वजह से नाक और गले की परत में जलन (सूजन) हो जाता है। सर्दी 200 से अधिक विभिन्न वायरस के कारण हो सकती है। लेकिन ज्यादातर सर्दी-जुकाम राइनोवायरस के कारण होता है।

सर्दी बच्चे को तब लगती है जब,आपके बच्चे किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं जो सर्दी के वायरस से पहले से संक्रमित हो। 

anchorlink[4]anchorcloseकोल्ड वायरस इस तरह संक्रमण फैलता है:

हवा के माध्यम से - यदि सर्दी-जुकाम से संक्रमित व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो थोड़ी मात्रा में वायरस हवा के संपर्क में आ जाता है। फिर अगर आपका बच्चा उस हवा में सांस लेता है, तो वायरस आपके बच्चे की नाक में पहुँच जाता है।

सीधे संपर्क से - इसका मतलब है कि जब आपका बच्चा किसी संक्रमित व्यक्ति को छूता है या संपर्क में आता है तो संक्रमित हो जाता है। बच्चों के लिए सर्दी से संक्रमित होना काफी आसान है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे अक्सर अपनी नाक, मुंह और आंखों को छूते रहते हैं और फिर वे दूसरे लोगों को या वस्तुओं को छूते हैं। इससे वायरस फैल सकता है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि वायरस वस्तुओं के माध्यम से फैल सकते हैं, जैसे कि खिलौने, जिन्हें किसी संक्रमित व्यक्ति ने छुआ है।

anchorlink[5]anchorcloseसामान्य सर्दी से किन बच्चों को ज्यादा  खतरा है?

सभी बच्चों को सामान्य सर्दी का खतरा रहता है। वयस्कों की तुलना में उन्हें सर्दी होने की संभावना अधिक होती है। 

anchorlink[6]anchorcloseसर्दी के कुछ कारण ये है:

कम प्रतिरोध - जब संक्रमण फ़ैलाने वाले कीटाणुओं से लड़ने की बात आती है तो बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली एक वयस्क की तरह मजबूत नहीं होती है।

सर्दियों का मौसम - अधिकांश श्वसन संबंधी बीमारियां पतझड़ और सर्दियों में ही होती हैं। इस मौसम में नमी भी कम हो जाती है। इससे नाक के रास्ते सूख जाते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

स्कूल या डेकेयर - जब बच्चे अन्य ढेर सरे बच्चों के निकट संपर्क में होते हैं तो सर्दी आसानी से फैलती है।

हाथ से मुंह का संपर्क - बच्चे बिना हाथ धोए अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं। यह कीटाणुओं के फैलने का सबसे आम तरीका है।

anchorlink[7]anchorcloseएक बच्चे में सामान्य सर्दी के लक्षण क्या हैं?

आपके बच्चे के कोल्ड वायरस के संपर्क में आने के 1 से 3 दिन बाद से सर्दी के लक्षण शुरू हो जाते हैं। लक्षण अक्सर लगभग 1 सप्ताह तक रहते हैं। लेकिन वे 2 सप्ताह तक चल सकते हैं। प्रत्येक बच्चे के लिए लक्षण थोड़े अलग हो सकते हैं।

anchorlink[8]anchorcloseशिशुओं में, ठंड के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • नींद न आना
  • उतावलापन
  • नाक में जमाव
  • कभी-कभी उल्टी और दस्त
  • बुखार

anchorlink[9]anchorcloseबड़े बच्चों में ये लक्षण हो सकता है:

  • भरी हुई, बहती नाक
  • गले में खराश 
  • नम आँखें
  • छींक आना
  • खांसी
  • जाम 
  • मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द
  • सिर दर्द
  • बुखार
  • ठंड लगना
  • नाक से पानी जैसा स्राव जो गाढ़ा होकर पीला या हरा हो जाता है
  • अत्यधिक थकान (थकान)

बच्चों में अगर लक्षण फ्लू जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की तरह लगे तो सावधान हो जाएँ। तुरंत डॉक्टर की से परामर्श करें। 

anchorlink[10]anchorcloseबच्चे में सामान्य सर्दी का निदान कैसे करें?

अधिकांश सामान्य सर्दी का निदान लक्षणों के आधार पर किया जाता है। लेकिन ठंड के लक्षण अन्य जीवाणु संक्रमण, एलर्जी और स्वास्थ्य समस्याओं की तरह लग सकते हैं। इसीलिए डॉक्टर की राय आवश्यक है। 

anchorlink[11]anchorcloseबच्चे में सामान्य सर्दी का इलाज कैसे करें? 

सामान्य सर्दी का कोई इलाज नहीं है। अधिकांश बच्चे सर्दी से अपने आप ठीक हो जाते हैं। एंटीबायोटिक्स वायरल संक्रमण के खिलाफ काम नहीं करते हैं, इसलिए वे सर्दी को ठीक करने में इस्तेमाल नहीं आते हैं। इसके बजाय, सही उपचार यही है की आप बीमारी के कम होने तक बच्चे के लक्षणों को कम करने की कोशिश करें है। आप वो सब करें जो आप के बच्चे को सर्दी के दौरान बेहतर महसूस करने में मदद मिले। उदहारण के लिए:

  • अपने बच्चे को भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ दें, जैसे पानी, इलेक्ट्रोलाइट घोल, सेब का रस और गर्म सूप। यह dehydration (निर्जलीकरण) को रोकने में मदद करता है।

  • आपके बच्चे को भरपूर आराम मिले यह सुनिश्चित करें।

  • बंद नाक की समस्या को कम करने के लिए, nesal-spray का प्रयोग करें। आप उन्हें बिना प्रिस्क्रिप्शन के खरीद सकते हैं, और वे बच्चों के लिए सुरक्षित हैं। 

  • अपने बच्चे को सिगरेट तथा चूलह के धुएं से दूर रखें। धुआं नाक और गले में जलन को और बढ़ा देगा।

  • बच्चों को कोई भी दवा बिना डॉक्टर के परामर्श के न दें। इन बातों का ध्यान रखें:

  • 19 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चे को कभी भी एस्पिरिन न दें जब तक कि आपके बच्चे के डॉक्टर द्वारा निर्देशित न किया जाए। यह बच्चे में रेये सिंड्रोम नामक एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

  • 6 महीने या उससे कम उम्र के शिशु को कभी भी इबुप्रोफेन न दें।

  • अपने बच्चे को तब तक घर पर रखें जब तक कि वह 24 घंटे तक बुखार से मुक्त न हो जाए।

  • सांस लेने में आसानी हो इसके लिए रात में अपने बच्चे के कमरे में कूल-मिस्ट ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें।