
UHT Milk विज्ञान के बड़े अविष्कारों में से एक है। दूध को सुरक्षित करने की ऐसी पद्धति है जिसमें गाय के ताजे दूध को बहुत ही कम समय में बहुत ही ऊंचे तापमान तक गर्म किया जाता है और फिर तुरंत ही इसे ठंडा कर दिया जाता है। UHT दूध बच्चों के लिए फायेदेमंद है।
UHT Milk में जीवाणु और विषाणु की संख्या लगभग शुन्य होती है
इससे दूध में मौजूद जितनी भी जीवाणु और विषाणु होते हैं वह पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। अगर इन्हें किसी भी प्रकार से प्रकृति के संपर्क में लाया जाए तो इनमें जीवाणु और विषाणु नहीं आ सकेंगे और यह दूध लंबे समय तक खराब नहीं होगा।
UHT Milk में गाए के दूध के सभी पोषक तत्त्व विद्यमान
क्योंकि UHT Milk को उच्च तापमान पर बहुत ही थोड़े समय के लिए गर्म किया जाता है, इसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं और यह शरीर को पोषण से संबंधित वो सारे फायदे पहुंचाते हैं जो आपको गाय की ताजा दूध को पीने से मिलता है।
UHT Milk साधारण दूध से ज्यादा सुरक्षित
विश्व में हुए एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार UHT Milk साधारण दूध से ज्यादा सुरक्षित होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्वेक्षण के अनुसार यह पाया गया कि लोग गाय के दूध को इस्तेमाल करने के दौरान कई बार गर्म करते हैं।
हर बार दूध उबालने पर पोषक तत्व नष्ट होते हैं
जितनी बार गाय के दूध को उबाला जाता है, उतनी बार उसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। शोध विशेषज्ञों के अनुसार दूध को दो से 3 बार से ज्यादा नहीं उबालना चाहिए। साथ ही इसे कभी भी 3 मिनट से ज्यादा नहीं उबालना चाहिए - नहीं तो दूध में मौजूद पोषक तत्व तेजी से घटने लगते हैं।
UHT Milk को fridge में रखने की आवश्यकता नहीं
UHT Milk एक विशिष्ट पद्धति से तैयार दूध होता है जिससे कि इसके अंदर के पोषक तत्व घटते नहीं है लेकिन इसमें मौजूद सारे जीवाणु और विषाणु जरूर नष्ट हो जाते हैं। इसीलिए इस दूध को आप बिना गर्म किए हैं पी सकते हैं और कुछ दिनों तक इसे खोलने के बाद अपने फ्रीज में सुरक्षित भी रख सकते हैं।
दूध से संबंधित हुए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि लोग अधिकांश मामलों में दूध को 5 मिनिट तक उबालते हैं जो कि दूध में मौजूद पोषक तत्व को नष्ट करने के लिए पर्याप्त है। लोगों को सही तरीके से दूध को उबालने का तरीका नहीं पता है।
दूध को बार-बार उबालने की आवश्यकता नहीं
लोग यह भी नहीं जानते हैं कि अगर दूध को ज्यादा देर तक उबाला गया तो उसे उसके अंदर मौजूद पोषक तत्व नष्ट भी हो सकते हैं। आपने गाय के दूध को उबाला है इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इसे दोबारा उबालने की आवश्यकता नहीं है।
गाय के दूध को हर बार इस्तेमाल करने से पहले उबालने की आवश्यकता पड़ती है। क्योंकि उबालते वक्त भले ही दूध में मौजूद सभी जीवाणु और विषाणु नष्ट हो जाए, लेकिन साधारण तापमान पर आने पर फिर से इन में बहुत तेजी से जीवाणु और विषाणु पनपने लगते हैं और अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं। कुछ ही घंटों में इनकी संख्या कितनी पड़ जाती है कि यह आप को बीमार कर सकते हैं।
UHT Milk को तयार करने की प्रक्रिया भिन्न है
साधारण दूध को उबालने की प्रक्रिया में दूध में मौजूद सभी जीवाणु और विषाणु पूरी तरह नष्ट नहीं होते हैं। 5 मिनट तक या 10 मिनट तक उबलने पर भी पूरी तरह नष्ट नहीं होते हैं। लेकिन इनकी संख्या इतनी घट जाती है कि यह आपको बीमार नहीं कर सकते हैं।
परंतु थोड़ी देर अगर इन्हें कमरे की साधारण तापमान पर छोड़ दिया जाए तो फिर से बचे हुए जीवाणु और विषाणु तेजी से अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं और कुछ ही घंटों में इनकी संख्या कितनी बढ़ जाती है यह आपको आराम से बीमार कर सकते हैं।
साधारणतया 70 – 75 °C तापमान पर उबलने लगता है। लेकिन ultra-high temperature (“UHT”) milk प्रक्रिया में दूध को एक विशेष तकनीकी के द्वारा बहुत ही कम समय में 150 °C तापमान तक गर्म कर दिया जाता है।
इसे इस तापमान पर मात्र 2 सेकेंड के लिए रखा जाता है - और फिर तेजी से इस के तापमान को बहुत ज्यादा घटा दिया जाता है। यह दूध बाहरी वातावरण के संपर्क में आए बिना सीधा डब्बों मैं पैक कर दिया जाता है जिससे इस में बाहर से किसी प्रकार के जीवाणु या विषाणु के घुसने की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाती है।
दूध को इस तरह से सुरक्षित करने की प्रक्रिया पर हुए शोध में यह पाया गया है कि दूध में मौजूद पोषक तत्वों में बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं आता है और यह पोषण के मामले में उतना ही फायदेमंद होता है जितना कि गाय का ताजा दूध।
UHT Milk दूध को एक विशेष प्रकार के डब्बे में रखा जाता है जिसे Tetra Pack कहते हैं। एक बार इस डब्बे को खोलने के बाद आपको दूध को जब तक समाप्त ना हो जाए फ्रिज में ही सुरक्षित रखना चाहिए। लेकिन जब तक आपने डब्बे को खोले नहीं है, आप इस कमरे के साधारण तापमान में रख सकते हैं।