
पका हुवा पपीता छोटे बच्चों के लिए एक बेहतरीन आहार है। बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर होता है। पपीते में पाया जाने वाला रसायन papain, जो की एक enzyme है, आहार को पचाने में सहायता करता है। इसके आलावा पपीता बच्चों के प्रतिरोधक (immune system) छमता को भी मजबूत बनता है। छोटे बच्चों में अक्सर त्वचा से सम्बंधित कुछ न कुछ समस्या देखी गयी है। पपीता बच्चों की त्वचा को खराश और एलेर्जी से सुरक्षित रखता है। बच्चे जमीन पर खेलते वक्त कुछ ना कुछ उठा कर मुँह में डाल लेते हैं जिसकी वजह से कभी उन्हें इन्फेक्शन तो कभी पेट के कीड़ों की समस्या हो जाती है। पपीता बच्चों के पेट के कीड़ों को मरता है। पपीता शिशु आहार के लिए एकदम उपयुक्त फल है।
पपीते में मौजूद enzymes पाचन के लिए बहुत अच्छा है। अगर आप के बच्चे को कब्ज या पेट से सम्बंधित परेशानी है तो पपीते का प्यूरी सबसे बढ़िया विकल्प है। पपीते में बाकि फलों की तुलना में ज्यादा acidity होता है। इसीलिए बेहतर है की जब तक आप का शिशु सात से आठ महीने का न हो जाये तब तक उसे पपीता या पपीते से बने आहार न दें।
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पपीते का प्यूरी से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी:
- बच्चे का उम्र: 7 से 8 माह के बच्चों के लिए
- पौष्टिक तत्त्व: Antioxidant , carotenes, विटामिन C and फ्लवोनोइड्स, विटामिन्स B, फोलेट, pantothenic acid, पोटैशियम, कॉपर, और मैग्नीशियम और फाइबर
- सावधानी बरतें: जब तक बच्चा 7 से 8 month का न हो जाये तब तक न दें
सामग्री (Ingredients)
- एक पका हुआ पपीता
पपीते का प्यूरी बनाने की विधि - शिशु आहार
- पपीते को छील के दो हिस्से में काट लें।
- पपीते के अंदर के बीज को निकल दें।
- पपीते को छोटे छोटे टुकड़ों में काट दें।
- पपीते को मिक्सी या grinder में डाल के उसका प्यूरी बना दें।
पपीते की प्यूरी को शिशु को ताज़ा बना के खिलाएं। केवल इतना बनायें जितना की एक बार में ही ख़त्म हो जाये।