इस लेख में:
- ~~~#1^^^प्रेगनेंसी में विटामिन डी की मात्रा @@@
- ~~~#2^^^गर्भवती महिला में विटामिन डी किस साइड इफेक्ट @@@
- ~~~#3^^^प्रेगनेंसी में दवाओं का इस्तेमाल@@@
- ~~~#4^^^गर्भावस्था में विटामिन डी की कमी@@@
anchorlink[1]anchorcloseप्रेगनेंसी में विटामिन डी की मात्रा - Uses & Dosage of Vitamin D in pregnancy
आपके डॉक्टर के द्वारा बताई गई मात्रा में विटामिन डी का सेवन गर्भधारण के दौरान सुरक्षित रहता है। आमतौर पर एक गर्भवती महिला या वह महिला जो अपने शिशु को दूध पिलाती है, उसके लिए प्रतिदिन विटामिन डी की 600 international units or IU सुरक्षित समझी जाती है।

लेकिन फिर भी हर महिला कद काठी और वजन में भिन्न-भिन्न होती है जिस वजह से यह आवश्यक है कि विटामिन डी की कोई भी मात्रा लेने से पहले डॉक्टर से अवश्य राय ले लें ताकि आप के कद काठी के अनुसार से विटामिन डी की सही मात्रा की सेवन का पता चल सके। किसी भी स्थिति में इस बात का ध्यान रखें कि दिन भर में विटामिन डी की मात्रा 4000 IU से नीचे ही हो। शरीर में अत्यधिक मात्रा में विटामिन डी होने पर या बुरा प्रभाव डाल सकता है जिसे विटामिन B2 toxicity कहा जाता है।
anchorlink[2]anchorcloseगर्भवती महिला में विटामिन डी के साइड इफेक्ट - Side effects of Vitamin D in pregnant womens
अधिकांश मामलों में यह देखा गया है की विटामिन डी शरीर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं डालता है। लेकिन इसकी अत्यधिक मात्रा का सेवन हर दिन करनी थी आपके खून में इसकी अधिकता हो जाएगी।

ऐसी परिस्थिति में विटामिन B2 toxicity की संभावना बढ़ जाती है। विटामिन B2 toxicity होने पर आप में निम्न लक्षण देख सकते हैं:
- भूख में कमी
- उल्टी आना, चक्कर होना
- सर दर्द
- मुंह सूखना
- बार बार पेशाब का लगना
- शारीरिक थकान
- कब्ज
- हड्डियों में दर्द
- त्वचा पर खुजली
आप विटामिन डी के साइड इफेक्ट से आप आसानी से बच सकती है अगर आप इनकी इनकी सही मात्रा का पता अपने डॉक्टर से लगा लें तो।
anchorlink[3]anchorcloseप्रेगनेंसी में दवाओं का इस्तेमाल - Use of medication in pregnancy
कई प्रकार की इलाज में जिसमें vitamin D-3 supplements के इस्तेमाल का सुझाव दिया जाता है, गर्भावस्था के दौरान उपयुक्त नहीं होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला गर्भअवस्था से संबंधित कई प्रकार की दवाइयां पहले से ग्रहण कर रही होती है।

इनमें से बहुत सी दवाइयां ऐसी होती है जिनमें पहले से विटामिन डी की मात्रा मौजूद होती है। गर्भावस्था के दौरान दूसरी दवाइयां जिनमें विटामिन डी हो, आसानी से आपके शरीर में विटामिन डी की मात्रा को बढ़ा सकती है। आपको इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि बहुत ही ऐसी दवाइयां होती है जो कि शरीर में विटामिन डी की मात्रा को घटा भी सकती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में एक आवश्यक मात्रा में विटामिन डी का होना बहुत जरूरी है। शरीर में गर्भावस्था के दौरान विटामिन डी का कम होना या ज्यादा आपके गर्भधारण को प्रभावित कर सकता है।
anchorlink[4]anchorcloseगर्भावस्था में विटामिन डी की कमी - Deficiency of Vitamin D in pregnancy
गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पाता है उनमें प्रेगनेंसी से संबंधित कई प्रकार के complications होने का खतरा बढ़ जाता है।
- Preeclamsia (हाई ब्लड प्रेशर तथा मूत्र में प्रोटीन की मात्रा का बढ़ना)
- गर्भकालीन मधुमेह (gestational diabetes)
- Bacterial vaginosis (बैक्टीरियल वेजिनोसिस योनि संक्रमण)

प्रेगनेंसी में विटामिन डी की कमी की वजह से दूसरी परेशानियां भी उत्पन्न हो सकती हैं जैसे कि शिशु का समय पूर्व जन्म लेना, शिशु का जन्म के समय समय अत्यधिक वजन कम होना। जिन महिलाओं में विटामिन डी की कमी होती है Caesarean section, or c-section के द्वारा डिलीवरी की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
